गलतियां सुधारने का आखिरी मौका

आज वर्ल्डकप के अभ्यास मैच में भारत का बांग्लादेश से सामना शाम तीन बजे से

कार्डिफ -न्यूजीलैंड के खिलाफ निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भारतीय क्रिकेट टीम आईसीसी विश्वकप के अपने आखिरी अभ्यास मैच में मंगलवार को बांग्लादेश के खिलाफ अपनी गलतियां सुधारने का प्रयास करेगी, ताकि टूर्नामेंट में वह ऊंचे मनोबल के साथ उतर सके। भारतीय टीम आईसीसी विश्वकप में पांच जून को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। हालांकि अपने पिछले अभ्यास मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ उसका प्रदर्शन शर्मनाक रहा था और टीम 39.2 ओवर में मुश्किल से 179 रन बना सकी थी। इस मैच में कीवी टीम ने उसे 77 गेंदे शेष रहते हुए छह विकेट से पराजित कर दिया था। भारत का बल्लेबाज़ी क्रम इस मैच में फ्लॉप रहा और रोहित शर्मा तथा शिखर धवन की स्टार ओपनिंग जोड़ी कुल तीन रन ही जोड़ सकी, जबकि दोनों ओपनरों पर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाने की सबसे अहम जिम्मेदारी है। वहीं, खुद पहली बार विश्वकप में भारतीय टीम की कप्तानी कर रहे और स्टार बल्लेबाज विराट कोहली भी 24 गेंदों में 18 रन ही बना सके। वहीं, एक बार फिर चौथे क्रम की पहेली भारतीय टीम सुलझा नहीं सकी और लोकेश राहुल इस क्रम पर छह रन बनाकर पवेलियन लौट गए। ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या ने 30 रन की पारी खेल विकेट पर टिकने का कुछ साहस दिखाया जबकि निचले क्रम पर ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा बल्ले से सबसे सफल रहे जिन्होंने 50 गेंदों में 54 रन बनाए, जिसमें छह चौके और दो छक्के शामिल हैं।

आईपीएल के बाद खुद को करना होगा साबित

टीम इंडिया के बल्लेबाजों के लिए जरूरी है कि वह इंग्लैंड की चुनौतीपूर्ण पिचों पर टिकने का साहस दिखाए। भारतीय बल्लेबाज़ों के लिए ज़रूरी होगा कि वे खुद को यहां साबित करें, जिनका इससे पहले आईपीएल में भी काफी अच्छा प्रदर्शन रहा था। धवन, रोहित और विराट सभी ने ट््वेंटी-20 लीग में बल्ले से काफी प्रभावित किया था।

चोट से जूझ रहे जाधव शंकर के उतरने पर सस्पेंस

भारतीय टीम के दो खिलाड़ी केदार जाधव और ऑलराउंडर विजय शंकर को एहतियातन इस मैच से बाहर रखा गया था, जो फिलहाल फिटनेस की समस्या से जूझ रहे हैं। देखना होगा कि नेट अभ्यास के दौरान हाथ में चोट लगा बैठे शंकर और जाधव को बंगलादेश के खिलाफ मौका मिलता है या नहीं।

इंग्लैंड की पिच को समझने का होगा आखिरी चांस

इंग्लैंड की पिचें किसी भी टीम के लिए चुनौतीपूर्ण हैं, ऐसे में भारतीय गेंदबाज़ों को भी इस पर खुद को साबित करना होगा। आईसीसी विश्वकप के मुख्य टूर्नामेंट से पूर्व तैयारी और यहां की पिचों को समझने का गेंदबाज़ों के पास यह आखिरी मौका भी होगा। वहीं, बल्लेबाजों पर भी यही बात लागू होती है।

तेज गेंदबाजों के प्रदर्शन पर रहेगी नजर

क्रिकेट विशेषज्ञों ने पहले ही कहा है कि इस बार गेंदबाज़ों की भूमिका अहम रहेगी ऐसे में टीम इंडिया के तेज गेंदबाज़ों भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और पांड्या के प्रदर्शन पर निगाहें रहेंगी। न्यूजीलैंड के खिलाफ छोटे स्कोर का बचाव करने के लिए गेंदबाज़ों ने काफी संघर्ष दिखाया था।

 

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