गिरिपार में लहसुन की पैदावार में गिरावट

नौहराधार -लहसुन उत्पादन के लिए मशहूर जिला सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र में आजकल लहसुन की खुदाई शुरू हो गई है। जिला सिरमौर के ऊपरी क्षेत्र में लहसुन की फसल बड़े पैमाने पर उगाई जाती है। उपरले क्षेत्र में करीब 1600 हेक्टेयर भूमि पर करीब चार हजार मीट्रिक टन लहसुन का उत्पादन होता है, लेकिन इस क्षेत्र में विपणन व्यवस्था की भारी कमी है। सरकार घोषणा कर देती है लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ नहीं होता है। सात वर्ष पूर्व हरिपुरधार व नौहराधार में सब्जी मंडियों का शिलान्यास कर दिया गया, लेकिन भवन सरकार द्वारा शुरू नहीं किया गया। किसानों को नकदी फसलों को बिचौलियों को बेचनी पड़ती हैं। इस वर्ष लहसुन के अच्छे दाम मिल रहे हैं। मार्किट में 40 से 65 रुपए प्रतिकिलो के हिसाब से लहसुन बिक रहा है, मगर इस वर्ष 60 से 70 फीसदी उपादन में कमी आई है। गिरिपार क्षेत्र के किसानों की लहसुन की फसल वाइड रोड की बीमारी की चपेट में आ गई थी। यानी लहसुन में पीलापन आ गया था। फसल में बीमारी लगने के कारण किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। कई किसानों ने लहसुन की बीमारी के चलते अपने खेतों में हल चला दिया था व अन्य फसल की बुआई की थी। बता दें कि 60 फीसदी से आधिक लहसुन की फसल रोग की चपेट में आ गई। कई क्षेत्रों में 70 से 80 फीसदी फसल इस बीमारी के कारण पूरी तरह से नष्ट हो गई है। बची फसलों में भारी कमी दर्ज हुई है। कम उत्पान का कारण इस वर्ष ज्यादा ठंड पड़ने की वजह है।  किसानों ने 50 से 60 रुपए प्रतिकिलो के हिसाब से बीज खरीदकर बिजाई की थी। लगता है इस वर्ष बीज, खाद, गोबर व अन्य खर्चे भी पूरे नहीं हो सकते। किसानों का पूरा परिश्रम तथा फसल पर किया गया व्यय निरर्थक हो गया है तथा किसानों को घोर निराशा व हानि हो गई है।

 

 

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