गुरुवार को भी सूर्य देवता ने खूब आग उगली।

उपमंडल जवाली में गुरुवार को सुबह 7 बजे तापमान 28 डिग्री, सुबह 9 बजे तापमान 30 डिग्री, 10बजे तापमान 32 डिग्री तथा दोपहर 12 बजे तापमान 42 डिग्री तक पहुंच गया। 12 बजे का तापमान तो ऐसा लग रहा था कि मानों आग लगी हो। इतने तापमान में पंखा की हवा तो दूर ए.सी. की ठंडक भी महसूस नहीं हो रही थी। फ्रिज भी फुल पावर पर होने पर ही सामान को ठंडा कर रहे थे। सड़क पर 9 बजे ही वाहनों के पहिए थम गए। बस व ट्रक ही सड़कों से गुजरे जबकि अन्य वाहनों का तो मानों कफ्र्यू ही लग गया। सड़कों पर एकदम से बिरानी छा गई। जवाली की लब, कैहरियां, जवाली मार्किट के रास्तों पर तो कोई भी नजर नहीं आ रहा था। सुबह 9 बजे ही लोग छातों को तानकर गजरते देखे गए। प्रचंड गर्मी से स्कूली बच्चों का बुरा हाल हो गया है। बच्चों का गर्मी के चलते घरों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। गर्मी से बचने को लोग शीतल पेय पदार्थों, गन्ना का रस, नींबू पानी, गोल गप्पे इत्यादि का सहारा ले रहे हैं। गन्ना रस, जूस, नींबू पानी की रेहडिय़ों पर ही भीड़ देखने को मिली जबकि अन्य दुकानदार तो पंखों की हवा में दुकानों के अंदर बैठे रहे। गर्मी के कारण लोग भी घरों में ही दुबके रहे। बढ़ती गर्मी से निजात के अभी कोई आसार नहीं लग रहे हैं।

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