ग्रामीणों के लिए आफत बनी बिजली लाइन

नौहराधार—विद्युत बोर्ड की लचर कार्यप्रणाली के चलते सिरमौर जिला के हरिपुरधार से सटी नोराबोरा पंचायत के चार गांव के सैकड़ों लोगों की जान के लिए बिजली की लाइन आफत बनी हुई है। पंचायत के दोफ्ता, कथाड़, कूटोइर व रेहयु शधार आदि गांव में करीब 25 वर्ष पहले बिजली उपलब्ध करवाई गई थी। उस दौरान लकड़ी के खंभे गाड़कर लाइनें बिछाई गई थीं। इन गांव के लिए जाने वाली लाइनों के लगभग 70 से अधिक खंभे पांच-छह वर्ष पहले ही पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। हैरानी की बात यह है कि विद्युत बोर्ड की ओर से क्षतिग्रस्त हुए खंभों को बदलने के कोई भी प्रयास नहीं किए गए। अब आलम यह है सभी लाइनों में मात्र 30 से 40 खंभे शेष बचे हैं। नए खंभे लगाने की बजाय बोर्ड के कर्मचारियों ने दस स्थानों पर बिजली की तारों को लकड़ी के पेड़ों से बांधा है। अधिक खंभों के टूटने से बिजली की तारें कहीं खेतों में लहराती फसलों पर बिछी हुई है तो कहीं तारें लोगों की घासनियों में लटकी हुई है। जंगलों में भी कई स्थानों पर तारें पेड़ों में खुली हुई हैं। ग्रामीण जीवन सिंह, ज्ञान सिंह, बारू राम, गंगाराम व सूरत सिंह ने बताया कि उनके खेतों में जौ व गेहूं की फसल पर बिजली की नंगी तारें बिछी हुई हैं। करंट के डर से वह खेतों में नहीं जा पा रहे हैं। एसडीओ कुपवी गुरमीत सिंह ने बताया कि नोराबोरा पंचायत के लिए लोहे के खंभे के लिए प्राकलन तैयार किया गया है। विभागीय स्वीकृति होते ही खंभों को लगाने का कार्य शुरू किया जाएगा।

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