घरों के प्लास्टिक कचरे से बनेंगी ईंटें

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड निजी कंपनी के साथ मिलकर करेगा काम

शिमला –अब आपके घरों से जल्द ही प्लास्टिक वेस्ट खरीदने की प्रक्रिया शुरू जाएगी। यदि आप बोतल को प्लास्टिक के पॉली पैक्स से भरते हैं तो इसकी एक अच्छी कीमत आपको मिल सकती है। इस योजना को अब जल्द ही अमलीजामा पहनाया जाने वाला है। यह पॉलिब्रिक बनाने के काम आएगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पर्यावरण को स्वच्छ बचाने के लिए एक पहल की है, जिसमें टाइल्स बनाने वाली कंपनी के साथ संपर्क करके घरों से प्लास्टिक खरीदा जाएगा। बताया जा रहा है कि आचार संहिता खत्म होने के बाद इस अहम अभियान को गति दी जाएगी। इसकी पहल जल्द ही शिमला से शुरू होने वाली है। इसमें घरों को एक बोतल दी जाएगी, जिसे पॉलीपैक्स से भरा जाएगा। अभी इस पहल के लिए एक बैठक की जानी है, जिसमें यह तय किया जाएगा कि आखिर प्लास्टिक खरीदने की कीमत क्या रहेगी। देखा जा रहा है कि घरों में छोटा-मोटा प्लास्टिक का सामान ऐसा रहता है, जिसका बाद में निष्पादन करना जरूरी रहता है, लेकिन यह आसानी से नहीं हो पाता है। बोर्ड घरों से खरीदे गए इस प्लास्टिक को कंपनी को सौंपेगा और इससे टाइल्ज़ और इंटों यानी पॉलीब्रिक्स का निर्माण बनाएगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की मानें तो राज्य के सात शहरों में प्रदूषण का स्तर काफी है। वहां पर वायु प्रदूषण अन्य क्षेत्रों के मुकाबले ज्यादा है। इसमें बद्दी, नालागढ़, परवाणू, पांवटा साहिब, कालाअंब, सुंदरनगर और डमटाल क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों में प्लास्टिक भी देखा जा सकता है, जो घरों में पहुंचने वाले छोटे- छोटे सामानों का होता है।

प्रदेश में ये प्रयोग सफल

अभी प्रदेश की स्थिति पर गौर करें तो हिमाचल में डस्ट और प्लास्टिक स्वीपिंग मशीन का प्रयोग सफल रहा है। अब इन दोनों मशीनों का इस्तेमाल प्रदेश में सफाई के लिए किया जाने वाला है। वहीं, प्लास्टिक स्वीपिंग मशीन का पहला इस्तेमाल मंडी में शिवरात्रि मेले में किया गया जा चुका है। प्लास्टिक स्वीपिंग मशीन का इस्तेमाल परवाणु में पहले ट्रायल के तौर पर भी किया जाने वाला है।

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