चंबा भेजे टांडा-शिमला के डाक्टर

नए मेडिकल कालेजों में स्टाफ की कमी पूरा करने को विभाग ने उठाया कदम

शिमला  –एमसीआई के सर्वेक्षण में नए मेडिकल कालेजों के फेल होने की हलचल के बाद अब आनन-फानन में टांडा व आईजीएमसी से चंबा मेडिकल कालेज के लिए 11 डाक्टरों की ट्रांसफर कर दी गई है। ‘दिव्य हिमाचल’ में गुरुवार को खबर छपने के बाद चंबा मेडिकल कालेज के लिए डाक्टरों को भेजा दिया है। सूचना है कि ये वही डाक्टर हैं, जिन्हें चंबा में पहले हुई एमसीआई की जांच के दौरान चंबा मेडिकल कालेज को भेजा गया था और सर्वेक्षण हो जाने के बाद लगभग एक माह के बाद फिर वापस लौटा दिया गया था। देखा जाए तो पहले से ही प्रदेश में डाक्टरों की कमी चल रही है। इसके लिए बेहद जरूरी है कि प्रदेश के नए मेडिकल कालेज बेहतर तरीके से चल सकें। प्रदेश में यह भी देखा जा रहा है कि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के नियम के तहत डाक्टरों के फे रबदल की यह प्रक्रिया सही नहीं है। लगभग एक वर्ष तक डाक्टरों को एमसीआई नियम के  तहत उसी स्टेशन में रखना जरूरी है, जहां सरकार द्वारा उन्हें भेजा जाता है। सरकार द्वारा किए जाने वाले इस फेरबदल से संबंधित डाक्टर परेशानी में फंस सकते हैं। इससे नए मेडिकल कालेज में मेडिकोज़ का भविष्य भी खतरे में हैं। इसके लिए अब प्रदेश सरकार को भी गंभीरता दिखानी होगी। एमसीआई के  मुताबिक अभी भी प्रदेश के नए मेडिकल कालेज में कमियां पूरी नहीं हो पाई हैं, जिसमें अभी चंबा मेडिकल कालेज का नंबर पहला है। दूसरे नंबर पर हमीरपुर मेडिकल कालेज, तीसरे नंबर पर नाहन मेडिकल कालेज और कमियों को लेकर चौथे नंबर पर मंडी मेडिकल कालेज है।

इन विभागों से हुई ट्रांसफर

पत्र संख्या नंबर एचएफडब्लू-बी-बी/15-9/2019 के तहत11 डाक्टरों के ट्रांसफर आदेश जारी कर दिए गए हैं। इनमें टांडा मेडिकल कालेज से पीडियाट्रिक्स विभाग का एक डाक्टर चंबा मेडिकल कालेज भेजा गया है। वहीं, टांडा से ही जनरल मेडिसिन के दो, एनेस्थिसिया के दो, पैथालॉजी का एक, ओबीजी से एक, आईजीएमसी से जनरल सर्जरी से एक , पैथोलॉजी का एक व रेडियोलॉजी से दो डाक्टरों को चंबा मेडिकल कालेज भेजा गया है।

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