चाउमिन से बच्‍चे हो रहे कमजोर

शिमला -शिमला का बचपन कमजोर है। फास्ट फूड के कारण बच्चांे की यह तस्वीर सामने आ रही है। आईजीएमसी की सर्वे रिपोर्ट मंे यह खुलासा हुआ है, जिसमंे शिमला डायटीशियन अलका शर्मा ने कहा कि बच्चे खाना कम खा रहे हैं, इसका कारण फास्ट फूड का अधिक सेवन करते देखा जा रहा है। लिहाजा आईजीएमसी के डायटीशियन के पास इन दिनों बच्चों में कुपोषण के केस भी सामने आ रहे हैं, जो कि आने वाली पीढ़ी के लिए एक चिंता का विषय बन गया है। ऐसे में बच्चों के अभिभावक अपने बच्चों की बीमारी के लिए डायटीशियन के पास आ रहे हैं। हर माह बच्चांे के कमजोरी के  दस से बीस केस सामने आ रहे हैं। अधिकतर यह देखा गया है अकसर बच्चे जंक फूड का सेवन अधिक करते हंै, जिससे वे बीमार हो जाते हैं। जंक फू ड के तत्व शरीर में तमाम तरह की दिक्कतें पैदा करते हैं, जिससे उन्हें एलर्जी और त्वचा संबंधी अन्य रोग घेर रहे हैं। इसके अलावा पेट संबंधी बीमारियां भी बच्चों की हालत ज्यादा खराब कर रही हैं। वहीं, आईजीएमसी की डायटीशियन अलका शर्मा ने बताया कि बच्चे अधिकतर बाजार के खाने का सेवन कर रहे हैं, जिसके कारण उनमें कुपोषण की शिकायत देखने को मिल रही है। बताया जा रहा है कि छोटे बच्चों का पेट छोटा होता है, जो फास्ट फूड खाने से जल्दी भर जाता है, जिससे वे घर का बना हुआ पौष्टिक खाना नहीं खाते, जिससे बच्चों में शारीरिक विकास नहीं हो पाता। डाक्टर ने बताया कि आज के समय मंे अभिभावक अपने बच्चों को बाहर का खाना खाने देते हैं, जिससे बच्चे कुपोषण जैसी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। कुपोषण का यदि समय पर उचित इलाज नहीं किया जाए तो यह काफ ी गंभीर रूप ले सकता है। अलका का कहना है कि ऐसे में बच्चों के अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों को घर का बना हुआ पौष्टिक खाना ही खिलाएं। साथ ही समय-समय पर बच्चों को डायटीशियन के पास जरूर लेकर जाएं।

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