चाबधार की हरिजन बस्ती में प्यास बेकाबू

नौहराधार—जिला सिरमौर का दुर्गम क्षेत्र व सड़क सुविधा से महरूम हरिजन बस्ती चाबधार में पानी की किल्लत से ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हो गए हैं। हैरानी की बात है कि विभाग ने चाबधार के लिए पाइप लाइन तो बिछा रखी है। स्टोर टैंक भी बनाया गया है, मगर पाइपों में पानी की बूंद तक नहीं आती। स्टोर टैंक में पानी नहीं टिकता टैंक क्षतिग्रस्त हो गया है। आधी पाइपें बीच से गायब हैं। बार-बार शिकायतों के बाद भी सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उनकी समस्या का समाधान करवाने की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे लोगों में रोष पनप रहा है। विभाग की लापरवाही के चलते यहां नल जल योजना ठप हो चुकी है। नल जल योजना ठप होने की समस्या से यहां पर आए दिन जगह-जगह पाइप टूट चुकी है व लीकेज होने की समस्या हो गई है। लाइन के बीच से पाइपें गायब हैं। मजबूरी में इस बस्ती के ग्रामीणों को बावडि़यों का दूषित पानी पीना पड़ता है। इस बस्ती में हालात इतने बदत्तर हैं कि हर रोज दो से तीन किलोमीटर खड़ी चढ़ाई चढ़कर पीठ व सिर पर पानी ढोकर लाना पड़ता है, जिससे अधिकतर समय ग्रामीणों का पानी ढोने में लग जाता है। एक दिन छोड़कर ग्रामीणों को तीसरे दिन बावड़ी से पानी लाना पड़ता है, क्योंकि एक दिन बावड़ी में पानी भरने में लग जाता है। बता दें कि यह बस्ती आज आजादी के बाद भी सड़क सुविधा से दूर है। इस बस्ती के लोग सितंबर, 2018 में सड़क की मांग को लेकर करीब 112 किलामीटर पैदल सफर कर मुख्यमंत्री से मिलने शिमला गए थे। इन लोगों को खाने-पीने की सामग्री को छह से सात किलोमीटर खड़ी चढ़ाई चढ़कर पहुंचना पड़ता है। यह बस्ती मूलभूत सुविधाओं से महरूम है, मगर प्रशासन व सरकार इस बात से बिलकुल बेखबर है। उधर, इस संबंध में आईपीएच विभाग के एसडीओ नौहराधार वीके गौतम ने बताया कि समस्या संज्ञान में आई है। कर्मचारियों को लाइन को दुरुस्त करने के लिए चाबधार भेजा जा रहा है। जल्दी ही समाधान हो जाएगा।

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