चुनावों के बाद ठेकों पर खूब बिकी लालपरी

हमीरपुर—मतदान के चलते दो दिन बंद रही शराब की दुकानें खुलने के बाद लालपरी के लिए होड़ मच गई। शराब के शौकीन ठेके खुलने के बाद तुरंत यहां आ पहुंचे। इसके बाद नशे में टल्ली होकर ही अपने घर को रवाना हुए। दो दिन का इंतजार करना इनके लिए आफत बना हुआ था। हालांकि कई शौकीनों ने मतदान प्रक्रिया के दौरान ठेके बंद होने से पहले ही लालपरी का स्टॉक जमा कर रखा था। जो शराब ठेके बंद होने से अनभिज्ञ थे वे दो दिनों तक लालपरी के लिए भटकते दिखे। बीते सोमवार को भी शराब की दुकानों पर बहार लगी रही। दिन भर शराब के शौकीनों का आना-जना लगा रहा। महंगी से लेकर सस्ती हर किस्म की दारू खूब बिकी। बता दें कि मतदान से पहले 17 मई शाम को शराब की दुकानें खोलने पर पूरी तरह प्रतिबंध लग गया था। मतदान होने तक इन दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए थे, ताकि मतदान के दौरान इसका प्रचलन न हो। दारू की दुकानें बंद होने के बाद शराब के शौकीनों के लिए आफत खड़ी हो गई। आखिर शराब का जुगाड़ करें, तो कहां से। शराब की तलब ने कई लोगों दूरदराज क्षेत्रों तक भटकाए रखा। कईयों को घर गांव में ही किसी के पास से जुगाड़ लगाकर लालपरी मिल गई, तो कोई मनमसोस कर रह गया। आखिरकर मतदान वाले दिन शाम को शराब का ठेका खुला। इसके बाद पियक्कड़ों की मौज लग गई। सोमवार के दिन भी यह दौर लगातार जारी रहा। सूत्रों की मानंे तो कुछ लोगों ने गांवों में ही अन्य लोगों से शराब का इंतजाम कर लिया था। वहीं कई लोग रात को शराब ठेके का शटर नॉक करते नजर आए। हालांकि प्रतिबंध लगने के कारण इनके लिए शराब ठेकों का शटर नहीं खुला। इन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ा।

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