चूड़धार जाने वालों के लिए लंगर

नेरवा—चूड़ेश्वर सेवा समिति द्वारा भगवान शिरगुल महाराज की तपोस्थली व जिला शिमला एवं सिरमौर की सबसे ऊंची चोटी चूड़धार आने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों के लिए लंगर व्यवस्था की शुरुआत कर दी गई है। समिति द्वारा लंगर की यह व्यवस्था बीते कई सालों से लगातार हर वर्ष मई से अक्टूबर माह तक की जा रही है। चूड़धार यात्रा यूं तो हर साल अप्रैल माह के शुरू में ही प्रारंभ हो जाती थी, परंतु इस साल चूड़धार में अत्यधिक बर्फ गिरने के कारण यह यात्रा एक माह देरी से मई में शुरू हो पाई है। चूड़ेश्वर सेवा समिति के नवनिर्वाचित भंडारा अध्यक्ष सीता राम जस्टा ने बताया कि 15 मई को चूड़धार में भगवान शिरगुल की पूजा अर्चना के उपरांत चूड़ेश्वर सेवा समिति के अध्यक्ष बीएम नंटा व सेवा समिति चौपाल के पूर्व अध्यक्ष हरी नंद मेहता की उपस्थिति में लंगर की विधिवत शुरुआत की गई। सीता राम जस्टा ने बताया कि लंगर व्यवस्था शुरू होने से चूड़धार आने वाले श्रद्धालुओं को अब भोजन की चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। श्रद्धालु अपने आराध्य शिरगुल महाराज की पूजा अर्चना एवं 12 फुट ऊंची चूड़धार चोटी की यात्रा व ट्रैकिंग के दौरान चूड़ेश्वर सेवा समिति द्वारा लगाए गए लंगर में भोजन कर सकते हैं। उन्हों ने चूड़धार आने वाले श्रद्धालुओं व ट्रैकर्स से अनुरोध किया है कि लंगर ग्रहण करने के दौरान शान्ति व स्वच्छता बनाए रखते हुए लंगर आयोजकों का सहयोग करें। बता दें कि चूड़धार स्थित भगवान शिरगुल महाराज पर जिला शिमला, सोलन व सिरमौर के अतिरिक्त उत्तराखंड के जौनसार बाबर क्षेत्र के लोगों की अगाध आस्था है व अप्रैल से अक्टूबर माह तक अपने आराध्य के दर्शन एवं पूजा अर्चना के लिए प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु चूड़धार पंहुचते हैं। इसके आलावा चूड़धार ट्रैकर्स की भी बड़ी पसंद बन चूका है। लिहाजा ट्रैकर्स व कई राज्यों के अन्य पर्यटक भी मैदानों की तपिश भरी गर्मी से सकून पाने के लिए काफी संख्या में चूड़धार पंहुचते हैं। समिति के सदस्य मदन चौहान ने चूड़धार आने वाले यात्रियों से आग्रह किया है कि यात्रा के दौरान चूड़धार के रास्ते में भी सफाई व्यवस्था बनाये रखने में सहयोग करें। रास्ते में कूड़ा कचरा, पॉलिथीन आदि ना डालें, ताकि धार्मिक स्थल व इसके रास्ते की सुंदरता बरकरार रह सके। उधर शिरगुल मंदिर के चेयरमैन एसडीएम चौपाल अजीत भारद्वाज ने बताया कि चूड़धार में बिजली, पानी व यात्रियों के ठहरने की समुचित व्यवस्था कर दी गई है। पानी की लाइन व सराय की छतों को बर्फबारी में कुछ नुक्सान हुआ है जिसकी जल्दी ही मुरम्मत करवा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मतगणना की प्रक्रिया संपन्न होने के उपरान्त मंदिर की व्यवस्था जांचने हेतु वह डीएसपी चौपाल संतोष शर्मा के साथ चूड़धार का दौरा करेंगे।

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