छात्रवृत्ति घोटाला : पड़ोसी राज्यों से रिकार्ड खंगाल कर लौटी सीबीआई

शिमला —250 करोड़  के बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले में पड़ोसी राज्य पंजाब और हरियाणा गई सीबीआई की टीम वापस लौट आई है। इसी कड़ी में जांच टीम ने पड़ोसी राज्यों के स्थित विभिन्न शिक्षण संस्थानों से कब्जे में लिया रिकार्ड भी अधिकारियों को उपलब्ध करवा दिया है। इसके साथ ही सीबीआई की एक टीम ने शिक्षा विभाग से भी वर्ष 2013 से लेकर 2017 तक की छात्रवृत्ति से जुड़ा रिकार्ड कब्जे में ले लिया है। ऐसे में जांच अधिकारियों ने अब शिमला कार्यालय में रिकार्ड खंगालने की प्रकिया शुरू कर दी है।  सूत्रों की मानें तो सीबीआई की अब तक की जांच में घोटाले से जुड़े कई तथ्य सामने आए है, जिसके आधार पर जांच एजेंसी ने आगामी कार्रवाई अमल में लाना शुरू कर दिया है। सूचना के अनुसार अब सीबीआई की टीम शिमला पुलिस ने भी छात्रवृत्ति घोटाले से जुड़ा रिकार्ड लेगी। गौर हो कि छात्रवृत्ति घोटाले को लेकर छोटा शिमला पुलिस स्टेशन में सबसे पहले एफआईआर दर्ज हुई थी। करोड़ो रुपए के छात्रवृत्ति घोटाले में 22 निजी शिक्षण संस्थान जांच दायरे में है। सीबीआई से प्राप्त सूचना के अनुसार संबंधित निजी शिक्षण संस्थान ऊना, करनाल, मोहाली, नवाशंहर, अंबाला, शिमला, सिरमौर, सोलन, बिलासपुर, चंबा, गुरदारपुर, कांगड़ा सहित अन्य क्षेत्रों में स्थापित हैं।  हालांकि जांच एजेंसी ने अभी संस्थानों के नाम सार्वजनिक नहीं किए है। दूसरी तरफ शिक्षा विभाग ने सीबीआई को चार वर्षों की छात्रवृति का पूरा ब्यौरा भी सौंप दिया। वर्ष 2014 से लेकर 2017 तक जिने भी छात्रों को स्कॉलरशिप जारी की उसका पूरा ब्यौरा दे दिया है।

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