छात्रवृत्ति घोटाले पर कार्मिक विभाग को दूसरा रिमाइंडर

शिमला —छात्रवृत्ति घोटाले केस की फाइल पिछले तीन महीने से कार्मिक मंत्रालय भारत सरकार के पास फंसी हुई है।  केस की जांच में हो रही देरी के चलते प्रदेश सरकार ने कार्मिक मंत्रालय को दूसरा रिमाइंडर भेज दिया है।  मार्च महीने में  सरकार ने पहला रिमाइंडर भेज दिया था। उसके बाद मामले का पूरा ब्यौरा भी दो बार भेज दिया था, लेकिन अभी तक केस की फाइल सीबीआई को नहीं पहुंची। हालांकि सरकार ने हाल ही में मामला सीबीआई को सौंप दिया था, लेकिन जब तक कार्मिक मंत्रालय से केस दर्ज करने की अनुमति नहीं मिलती, तब तक सीबीआई भी एफआईआर दर्ज नहीं कर पाएगी। कार्मिक मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद ही 215 करोड़ के बहुचर्चित सीबीआई स्कॉलरशिप घोटाले में केस दर्ज करेगी। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने बीते वर्ष 215 करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले की जांच सीबीआई के हवाले की थी। स्कॉलरशिप घोटाला देश के कई राज्यों में फैला हुआ है। उधर, सीबीआई के प्रवक्ता आरके गौड़ ने कहा कि जब तक कार्मिक मंत्रालय  से मंजूरी नहीं मिलती तब तक एफआईआर दर्ज नहीं हो सकती। प्रदेश सरकार ने दूसरा रिमाडंर भेज दिया है।

 

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