छात्रों को वर्दी का इंतजार खत्म

दिल्ली की लैब से डे्रस के सैंपल पर मुहर लगने का इंतजार, शिक्षा विभाग के कलेक्शन सेंटर्ज पहुंची यूनिफार्म

शिमला -सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों का स्मार्ट वर्दी का इंतजार अब खत्म हो गया है। आचार संहिता खत्म होते ही सरकारी स्कूलों में वर्दी के आबंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। वर्दी आबंटन के लिए शिक्षा विभाग को दिल्ली की लैब से वर्दी के कपड़े के टेस्टिंग के लिए भेजे गए सैंपल को मंजूरी मिलने का इंतजार है। जैसे ही लैब से वर्दी के सैंपल को मंजूरी मिलती है, वैसे ही शिक्षा विभाग वर्दी आबंटन की प्रक्रिया को शुरू कर देगा। बता दें कि जिस कंपनी को वर्दी का टेंडर दिया गया था, उनकी ओर से वर्दी शिक्षा विभाग के कलेक्शन सेंटर्ज तक भेज दी गई है। कलेक्शन सेंटर पर भेजी गई वर्दी के कपड़े को शिक्षा विभाग की ओर से अंतिम सैंपलिंग के लिए दिल्ली की श्रीराम लैब में भेजा है। अब उसी लैब की रिपोर्ट का इंतजार शिक्षा विभाग को है। इसके बाद स्कूलों में कक्षा पहली से जमा दो तक के छात्र ग्रे, पीले व हरे रंग में नजर आएंगे। बता दें कि सरकारी स्कूलों के लगभग आठ लाख छात्रों को अटल वर्दी योजना का फायदा मिलेगा। लगभग डेढ़ साल बाद छात्रों को मिलने वाली स्मार्ट वर्दी के लिए छात्रों को दो सेट वर्दी के दिए जाएंगे। बता दें कि प्रदेश की जयराम सरकार के कार्यकाल में पहली बार सरकारी स्कूली बच्चों को यूनिफार्म देने की प्रक्रिया शुरू हुई है। गौर हो कि जमा दो के छात्र पासआउट भी हो चुके हैं, ऐसे में हजारों छात्र पिछले साल स्मार्ट वर्दी से वंचित हो चुके हैं। सरकार की देरी की वजह से ही पिछले साल छात्रों को स्मार्ट वर्दी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। यही वजह है कि स्कूलों में छात्रों को दी जाने वाली फ्री वर्दी को लेकर बहुत फजीहत शिक्षा विभाग व सरकार की हुई थी। बता दें कि कई जिलों के सरकारी स्कूलों में हालत ऐसी हो गई थी कि छात्रों की वर्दी पुरानी हो गई थी। वहीं पुरानी वर्दी पहनकर ही छात्रों को स्कूल में आना पड़ता था, लेकिन जब डेढ़ साल बाद छात्रों को स्मार्ट वर्दी का तोहफा मिला है, तो ऐसे में स्कूल प्रबंधन ने भी राहत की सांस ली है। बताया जा रहा है कि वर्दी मिलने के बाद शिक्षा विभाग छात्रों को ड्रेस सिलवाने के लिए 15 दिन का समय देगा। शिक्षा विभाग ने सभी स्कूल प्रबंधन को आदेश जारी कर दिए हैं। वहीं स्कूल प्रबंधन को कहा गया है कि छात्रों को समयबद्ध तरीके से वर्दी बांट दी जाए। दूसरी ओर अगर वर्दी के कपड़े में कोई कमी पाई जाती है, तो ऐसी स्थिति में विभाग को अवगत करवाया जाए।

जिलों में पहुंचे 80 हजार सेट

जानकारी के अनुसार 80 हजार सेट सरकार ने प्रदेश के 128 कलेक्शन सेंटर्ज में पहले से ही पहुंचा दिए थे। राज्य के बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा व शिमला जिलों में वर्दी के सबसे ज्यादा सेट पहुंचाए गए हैं। खाद्य आपूर्ति निगम का दावा है कि जिलों में पहुंचाए गए वर्दियों के सेट कम नहीं होंगे। वर्दी का कपड़ा एक्स्ट्रा स्कूलों तक दिया गया है।

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