जनसंपर्क में करियर 

जन-संपर्क का करियर उनके लिए है जिनमें उत्कृष्ट संवाद कौशल हो तथा जो नित नए-नए लोगों से मिलने व उनसे संवाद स्थापित करने में माहिर हों। यह एक ऐसा कार्यक्षेत्र है जहां आपको अपने श्रोता की मनःस्थिति जानकर उसे अपने पक्ष में मोड़ना होता है…

जन-संपर्क का करियर उनके लिए है जिनमें उत्कृष्ट संवाद कौशल हो तथा जो नित नए-नए लोगों से मिलने व उनसे संवाद स्थापित करने में माहिर हों। यह एक ऐसा कार्यक्षेत्र है जहां आपको अपने श्रोता की मनःस्थिति जानकर उसे अपने पक्ष में मोड़ना  होता है। अगस्त 1978 में मेक्सिको शहर में हुई दुनिया भर के जनसंपर्क संगठनों की प्रथम सभा ने जन-संपर्क को इस प्रकार परिभाषित किया। जन-संपर्क रुझानों का विश्लेषण करने, उनके संभावित परिणामों को प्रक्षेपित करने, सांगठनिक नेतृत्व को परामर्श देने तथा योजनाओं को क्रियान्वित करने की एक ऐसी कला व सामाजिक विज्ञान है जो संस्थान व लोगों दोनों के हितों का ध्यान रखती है। लोगों को जानना, समझना व उनके मत को प्रभावित करना एक महत्त्वपूर्ण कार्य है जिसके द्वारा विभिन्न मीडिया माध्यमों का उपयोग कर आप किसी व्यक्ति अथवा संस्थान की आम जनता में सही व गलत छवि बनाते हैं।

चरणबद्ध प्रक्रिया

जनसंपर्क के पाठ्यक्रम में समाहित होता है। आपमें जन-संवाद तथा लोगों के मनोविज्ञान को समझने के कौशल विकसित करना जो कि सूचनाओं के आदान-प्रदान में सहायक सिद्ध हों। मूलतः इसका उद्देश्य लोगों व उनकी संवाद आवश्यकताओं को समझना होता है। अधिकांश पाठ्यक्रम जन-संचार पाठ्यक्रम से समानता रखते हैं या उनमें समाहित होते हैं तथा उनमें तमाम तकनीकी ज्ञान के साथ संवाद क्षमता विकसित करने पर जोर दिया जाता है। यहां तकनीकी ज्ञान को सरल बनाना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है।

पदार्पण

यदि आप इस क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं तो सर्वप्रथम आपको इस कोर्स को संचालित करने वाले कॉलेजों की सूची बनानी पड़ेगी तथा यह भी ध्यान रखना होगा कि कॉलेज का कोर्स कॉन्टेंट कैसा है। जन-संचार पाठ्यक्रमों को संचालित करने वाले कॉलेजों में दाखिला लेना श्रेयस्कर रहेगा चूंकि ये मीडिया प्रोफेशनल्स से संवाद स्थापित करने में सहायक सिद्ध होते हैं। स्कूलिंग के उपरांत आप जन-संचार में स्नातक तथा इसके बाद जन-संवाद में स्नातकोत्तर की डिग्री ले सकते हैं। इसके अलावा किसी भी विषय में स्नातक करने के बाद भी आप जन-संपर्क में स्नातकोत्तर कर सकते हैं। कुछ संस्थान डिप्लोमा कोर्स भी संचालित करते हैं। इस क्षेत्र के प्रमुख संस्थान हैं। जेविअर इंस्टिच्यूट ऑफ मॉस कम्युनिकेशन, मुंबई सिम्बोयसिस स्कूल, पुणेय तथा इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ  मॉस कम्युनिकेशन, नई दिल्ली।

सही करियर है

ये जानने के लिए कि जन-संपर्क का करियर आपके लिए सही है अथवा नहीं, आपको ये जानना होगा कि आप लोगों से बात करने में कितने निपुण हैं और आपमें मीडिया के साथ काम करने का कितना जुनून है। यदि आप पढ़ने के शौकीन हैं और दैनिक समाचारों व घटनाओं पर नजर रखते हैं तो जन-संपर्क व जन-संचार का पाठ्यक्रम आपके लिए सही विकल्प साबित हो सकता है और यदि आपकी तकनीकी विषयों में रूचि है तो आप कम्प्यूटर साइंस, साइंस, फिनांस और एकाउंटिंग जैसे क्षेत्र में करियर बना सकते हैं। परंतु फिर भी पीआर कोर्स सभी की संवाद क्षमता बढ़ाने में सहायक होता है। पीआर प्रोफेशनल्स का वेतनमान उतना ही अच्छा होता जितना कि किसी मार्केटिंग या आईटी प्रोफेशनल का।

छात्रवृत्ति

आप कोर्स के लिए विभिन्न बैंकों से एजुकेशन लोन भी प्राप्त कर सकते हैं। आप या तो पढ़ाई के दौरान ही जॉब करके या पढ़ाई पूरी करने के बाद ये लोन चुका सकते हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया जैसे राष्ट्रीयकृत बैंक 7.5 लाख तक का लोन देते हैं।

रोजगार के अवसर

पीआर प्रोफेशनल्स जिनके पास उत्कृष्ट स्तर की संवाद व लोगों को समझाने की क्षमता है, के लिए विभिन्न उद्योगों में अपार संभावनाएं हैं। विज्ञापन एजेंसियां व मार्केटिंग कंपनियां अच्छे पीआर प्रोफेशनल्स की तलाश में हमेशा रहती हैं। कई पीआर प्रोफेशनल्स पीआर कोर्स करते हुए फोटोग्राफी अथवा विजुअल कम्युनिकेशन में भी कोर्स कर लेते हैं जिससे उन्हें फिल्म-मेकिंग कंपनियों में आसानी से जॉब मिल जाती है। भारत में इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। बालाजी टेलीफिल्म्स, मुक्ता आर्ट्स जैसी कई बड़ी कंपनियां विभिन्न जॉब साइट्स पर क्रिएटिव हेड और दूसरे क्रिएटिव पदों के लिए विज्ञापन देती रहती हैं।

मांग एवं आपूर्ति

अच्छी संवाद वाले प्रोफेशनल्स की मांग लगभग हर उद्योग में है। उदाहरण के तौर पर आजकल कंपनियों के एचआर प्रोफेशनल्स, सोफ्टवेयर प्रोफेशनल जैसे पदों के लिए व्यक्तियों का चुनाव करते समय कम्युनिकेशन स्किल को भी एक फैक्टर मानते हैं। भारत में मांग की तुलना में अच्छें इंग्लिश-स्पीकिंग प्रोफेशनल्स की हमेशा कमी रहती है। हालांकि पिछल कुछ वर्षों में इंग्लिश का स्तर सुधरा है यहां तक कि गवर्नमेंट स्कूल के छात्र भी अच्छी इंग्लिश बोल सकते हैं। अतः प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है।

मार्केट वॉच

पीआर प्रोफेशन का विकास पिछले कुछ वर्षों में अद्वितीय रहा है। नित नए टीवी चैनलों, न्यूज चैनलों, आईटी कंपनियों, बीपीओकेपीओ के खुलने के कारण पीआर प्रोफेशनल्स की मांग अपने उद्योग उच्चतम स्तर पर है। होटल, शिपिंग एवं लोजिस्टिक्स जैसे दूसरे क्षेत्रों में भी पीआर प्रोफेशनल्स की बहुत मांग है। उन्हें रिसेप्शनिस्ट से लेकर लॉबी मैनेजर तथा सेल्स मैनेजर तक जैसे पद मिल सकते हैं। पिछले कुछ दशकों में एड एजेंसियों का भी अतुल्यनीय विकास हुआ है। विभिन्न सरकारी विभागों व कंपनियों में जन-संपर्क अधिकारी बनना भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है। आप कुछ बड़े व धनवान लोगों के पब्लिक प्रोफाइल को मैनेज करने का काम भी कर सकते हैं। इसलिए इस समय पीआर प्रोफेशनल्स के लिए मार्केट उनकी चॉईस का है।

अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन

भारतीय प्रोफेशनल्स कई देशों में कई बड़े-बड़े मार्केटिंग पदों पर कार्यरत हैं। विशेषकर अमरीका में कम्युनिकेशन प्रोफेशनल्स के लिए अपार संभावनाएं हैं। कई भारतीय वहां वेबसाईट व एड एजेंसी स्थापित कर अच्छी कमाई कर रहे हैं।

भूमिका और पदनाम

विषय के आधार पर जन-संपर्क, जन-संचार का ही एक भाग है। कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन, टेक्नीकल कम्युनिकेशन इत्यादि भी इससे मिलते-जुलते विषय ही हैं। वास्तव में ये सभी विषय एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। अतः पीआर प्रोफेशनल के लिए हर क्षेत्र में करियर की अपार संभावनाएं मौजूद हैं बस जरूरत है तो सिर्फ  समय के साथ ज्यादा से ज्यादा सीखने की।

रोजगार प्राप्त करने के लिए सुझाव

जन-संपर्क में करियर बनाने के लिए आप निम्न सुझावों पर अमल कर सकते हैं।  कम से कम 7 से 20 कंपनियों के लिए आवेदन करें।  साक्षात्कार व परीक्षा की तिथियां सुविधानुसार चुनें।

वेतनमान

शैक्षिक स्तर व आपकी योग्यता के अनुसार आप शुरू में 15, 000 व इससे अधिक भी प्राप्त कर सकते हैं। यदि आप किसी कंपनी में सीईओ के सचिव के रूप में अपने करियर की शुरुआत करते हैं तो आपको 2 से 3 लाख वार्षिक वेतन मिल सकता है। यदि आप मार्केटिंग अथवा एड एजेंसी में कम्युनिकेशन प्रोफेशनल के रूप में करियर की शुरुआत करते हैं तो आपको 2.5 लाख रुपए वार्षिक वेतनमान मिल सकता है। दूसरी तरफ  यदि आप किसी न्यूज चैनल में एंकर के रूप में शुरुआत करते हैं तो आपको 30000 या उससे अधिक भी मासिक वेतन प्राप्त हो सकता है। परंतु यहां काम करने के लिए आपको शिफ्ट में काम करने और विभिन्न स्थानों की यात्रा करने के लिए सदैव तैयार रहना चाहिए। किसी आईटी कंपनी में टेक्नीकल या कोर्पोरेट कम्युनिकेशन से करियर शुरू करने पर आप 15000 रुपए मासिक वेतन आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। आप सेल्स अथवा बिजनेस डेवलपमेंट पदों के लिए भी आवेदन कर सकते हैं बस जरुरत है आपके अंदर उत्कृष्ट सेलिंग व संवाद स्किल का होना। वास्तव में इस क्षेत्र में अवसरों की कमी नहीं है।

जन-संवाद से परिचय

भारत में प्रिंट मीडिया का इतिहास

इलेक्ट्रोनिक मीडिया व फोटोग्राफी

अंतरराष्ट्रीय संवाद व मानवाधिकार

सूचना तकनीक का जन-संपर्क के क्षेत्र में महत्व

मानव आवश्यकताओं व मनोविज्ञान का अध्ययन

कॉलेज अथवा विश्वविद्यालय के आधार पर पाठ्यक्रम में थोड़ी भिन्नता अवश्य हो सकती है परंतु सभी विषय ऊपर बताए गए विषयों के लगभग समान ही होते हैं।

सकारात्मक

अच्छी संवाद क्षमता वाले छात्रों की हर जगह मांग है। अतः पीआर प्रोफेशनल्स के लिए रोजगार के अवसर बहुत अच्छे हैं।

वेतनमान दूसरे क्षेत्र के प्रोफेशनल्स की तरह ही काफी अच्छा है।

नकारात्मक

कुछ पीआर प्रोफेशनल्स ज्यादा पैसा कमाने के चक्कर में लगातार कंपनियां बदलते रहते हैं, जो कि उनके करियर को स्थायित्व नहीं प्रदान कर पाता।

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