जमीन छू रहीं बिजली की झूलती तारें

चुवाड़ी—भटियात की बनेट पंचायत के अगेला गांव में बिजली का पोल लगाने के बाद बोर्ड प्रबंधन खंभे पर तारें डालना भूला। पिछले चार माह से जैसे- तैसे  खड़ा पोल बस तारों का इंतजार करता दिखता नजर आता है। वहीं,  साथ पेड़ों से बंधी झूलती तारें वैसी की वैसी है। ऐसा लगता है मानो बिजली बोर्ड किसी बड़े हादसे के इंतजार में है। ये वाकय अगेला गांव में पेश आ रहा है, जहां पर बिजली बोर्ड की हाई वोल्टेज तारें कहीं हरे पेड़ों से लिपटी हैं, तो कहीं जमीन को छू रहीं हैं। न जाने कब कोई अभागा इनका शिकार हो जाए। भटियात उपमंडल की बनेट पंचायत के अगेला गांव में इस कद्र खराब हैं कि अगर शीघ्र बिजली बोर्ड ने इस ओर ध्यान न दिया, तो कोई भी अनहोनी हो सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बारे में  प्रशासन को जल्द उचित कार्रवाई करनी चाहिए। इस गांव में तारों की हालत इतनी खराब है कि कभी भी यहां बड़ा हादसा हो सकता है। दूसरी ओर बिजली बोर्ड के पास इसका कोई जवाब नहीं है। जानकारी के अनुसार बनेट पंचायत के अगेला गांव में कई जगह बिजली की तारें पंक्चर नजर आ रहीं हैं। अब बरसात का मौसम सिर पर है तो हरे पत्ते अपनी पहुंच बढ़ा रहे हैं। इससे कई जगह तारों ने हरे पेड़ों को जकड़ रखा है। लोगों का सवाल है कि आखिर गर्मियों के दिनों में बिजली बोर्ड के अधिकारियों ने क्यों पेड़ों की छंटाई नहीं करवाई। जब यही हाल करना था तो क्यों उन्होने बिजली बंद की घोषणा कर कट लगाए। अब जब जरा सी हवा चलती है तो बत्ती गुल हो जाती है। लोगों का कहना है कि अगर सिर्फ बिजली जा रही होती तो कोई बात नहीं थी लेकिन अब उन्हें करंट का डर भी सता रहा है। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि कई स्थानों पर तो तारें नजदीक हैं इससे यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली बोर्ड के अधिकारी इस सारी दिक्कत से वाकिफ होकर भी अंजान बने हुए हैं। उपभोक्ताओं का बिजली बोर्ड से सवाल है कि जब वे बिल समय पर भर रहे हैं तो फिर क्यों उन्हें सुविधा पूरी नहीं मिल रही। उधर, बिजली बोर्ड के एसडीओ भूपेंद्र कटोच का कहना है कि शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। लोगों की सहूलियत को लेकर बोर्ड पूरी तरह से प्रयासरत है।  इससे पहले यहां करंट लगने की एक घटना में एक बच्चे की बाजू झुलस चुकी है। लोगों का कहना है कि इतना सब होने पर भी बिजली बोर्ड के अधिकारियों का दिल नहीं पसीजा है। शायद बिजली बोर्ड के अधिकारी इससे बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल लोगों ने बोर्ड से प्रार्थना की है कि शीघ्र इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाए जाएं।

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