जल्द भेजे रिपोर्ट, नहीं तो बंद होगा अनुदान

मंडी—भारत सरकार के पर्यावरण,वाणिकी व जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के राष्ट्रीय हरित कोर कार्यक्रम के तहत मंडी जिला की 250 सरकारी व गैर सरकारी पाठशालाओं में ईको क्लब संचालित करने की स्वीकृति प्रदान कर  दी है, लेकिन जिला के कुछ स्कूल के ईको क्लबों ने  न तो विभिन्न प्रशिक्षणों व गतिविधियों में भागीदारी की है और न ही अभी तक ईको क्लब की सालाना रिपोर्ट व प्राप्त अनुदानों के उपयोगिता प्रमाण पत्र भेजे हैं। स्कूलों की इस लापरवाही को लेकर विभाग ऐसे क्लबों का अनुदान मौजूदा सत्र से बंद कर देगा। बता दें कि भारत सरकार के पर्यावरण,वाणिकी व जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के राष्ट्रीय हरित कोर कार्यक्रम के तहत  हिमाचल प्रदेश राज्य विज्ञान प्रौद्यौगिकी एवं पर्यावरण परिषद शिमला व शिक्षा विभाग के तत्त्वाधान शैक्षणिक सत्र 2019-20 से इस योजना को सभी पाठशालाओं में संचालित करने की स्वीकृति दे दी है। नवगठित ईको क्लब को स्कूली बच्चों की टीम तैयार करनी होगी।  इसके उपरांत चयनित निजी व सरकारी स्कूलों को गठित ईको क्लब की रिपोर्ट शिक्षा विभाग को भेजनी होगी। इस बाबत उच्च शिक्षा विभाग उपनिदेशक मंडी अशोक शर्मा ने सभी पाठशाला मुखियाओं को निर्देश जारी किए हैं कि वे शीघ्र अपनी  पाठशालाओं में ईको क्लब गठित करके कार्यालय को निर्धारित प्रपत्र के माध्यम से सूचित करें ताकि सभी 430 सरकारी पाठशालाओं में छात्रों को पर्यावरण के बारे में जागरुक किया जा सके । विभाग द्वारा उन पाठशालाओं को भी सूचीबद्ध किया जा रहा है। 

इस बार वायु प्रदूषण है विषय

संयुक्त राष्ट्र के पर्यावरण कार्यक्रम द्वारा इस वर्ष के पर्यावरण दिवस का विषय वायु प्रदूषण रखा गया है। उक्त विषस पर बच्चे पर्यावरण को साफ-सुथरा रखने वारे लोगों को जागरुक करेंगे। वहीं प्रतियोगिता का आयोजन भी होगा।

जिला में शुरू हुआ दौर

विज्ञान पर्यवेक्षक संजीव ठाकुर ने बताया कि राज्य विज्ञान प्रौद्यौगिकी एवं पर्यावरण परिषद शिमला व शिक्षा विभाग पांच जून पर्यावरण दिवस के अवसर पर सोमवार से एक जून तक पर्यावरण सप्ताह के दौरान ईको क्लब के सदस्यों के लिये प्रकृति भ्रमण आयोजित कर रहे हैं। इन आयोजनों  में 29 मई को नेचर पार्क झिडी, 30 मई को आईआईटी मंडी के बोटैनिकल गार्डन व 31 मई को मांडव्य नेचर पार्क ढांगसीधार का भ्रमण वन विभाग व आईआईटी मंडी के सहयोग से किया जाएगा।

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