जीव-जंतुओं का संरक्षण जरूरी

थापली में जैव विविधता दिवस पर विशेष कार्यक्रम, प्रकृति बचाने का आह्वान

पंचकूला – परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव धनपत सिंह ने कहा कि प्राकृतिक संतुलन के लिए पेड़-पौधों के साथ-साथ जीव-जंतुओं का संरक्षण भी जरूरी है। श्री धनपत सिंह राज्य जैव विविधिकरण बोर्ड द्वारा वन एवं वन्य प्राणी संरक्षण विभाग के सहयोग से मोरनी के नजदीक थापली में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह के प्रतिभागियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जीव जंतुओं और पेड़ पौधों का मानव जीवन में महत्त्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने कहा कि प्राचीन समय में पाए जाने वाले गोरिया पक्षी गत वर्षों से लगातार कम होते जा रहे है और इस प्रकार के जीव-जंतुओं को जटायु संरक्षण की तर्ज पर संरक्षित करने की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति में जीव-जंतुओं के महत्त्व से जुड़े विभिन्न संस्मरण भी बताए। इस अवसर पर गुलशन कुमार अहुजा ने अपने अध्यक्षीय भाषण में बताया कि वर्ष 2000 से प्रति वर्ष 22 मई को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जैव विविधता दिवस के रूप में मनाया जाता हैं। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर नैशनल जैव विविधता अथॉरिटी का गठन भी किया गया है और हरियाणा में राज्य जैव विविधता बोर्ड गठित किया गया है। इन प्रयासों का उद्देश्य जीव जंतुओं, कीट पतंगों और मछलियों व अन्य समुद्री जीवों की घटती हुई संख्या के प्रति मानव जाति को जागरूक करना है। इसी प्रकार अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक विनोद कुमार ने जैव विविधता के विभिन्न पहलुओं और पर्यावरण परिवर्तन से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की। कार्यक्रम में दिल्ली और चंडीगढ़ से आये विख्यात चित्रकारों ने अपनी चित्रकला के माध्यम से जैव विविधता पहलुओं का प्रभावी चित्रण किया। इस मौके पर स्कूली छात्राओं को शामिल करके चित्रकला प्रतियोगिता भी आयोजित की। इस मौके पर लघु नाटिका से जैव विविधता के महत्त्व पर जानकारी दी गई।

You might also like