झंग्गी स्कूल में शिक्षक देना भूला शिक्षा विभाग

धर्मपुर -एक ओर सरकार बेहतर शिक्षा घर द्वार तक देने का दावा करती है और दूसरी तरफ  जो शिक्षण संस्थान खोले गए हैं, वहां पर पर्याप्त शिक्षक न होने पर बच्चों का भविष्य  धूमिल हो रहा है। आलम यह है कि बच्चे सरकारी स्कूलों से पलायन कर निजी स्कूलों की ओर रुख कर रहे हैं। इधर सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी के चलते  बच्चों के अभिभावक चिंतित हैं।  ऐसी ही स्थिति उपमंडल धर्मपुर के अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला झंग्गी की है, जहां सी एंड वी के नाम पर एक शिक्षिका जो भाषाध्यापक के पद पर तैनात है। बता दें कि इस पाठशाला में शास्त्री का पद अरसे से खाली चल रहा है, जबकि  कला अध्यापक और शारीरिक शिक्षक का तबादला हो जाने पर ये दोनों पद एक साल से रिक्त हैं। इनकी जगह अभी तक कोई भी शिक्षक नहीं है। जबकि हाल ही में  पोल साइंस के प्रवक्ता का भी स्थानांतरण हो गया है, वे भी रिलीव होकर चले गए हैं। जिस कारण पोल साइंस के प्रवक्ता का पद भी खाली पड़ा है।  बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो इसके लिए स्कूल के मुखिया ने अस्थायी तौर पर दूसरे शिक्षकों को अतिरिक्त पीरियड बांटे हैं।  जिस कारण शिक्षकों पर भी काफी बोझ पड़ गया है। बावजूद शिक्षकों  द्वारा बोर्ड की कक्षाओं का परिणाम भी सराहनीय रहा है।  इधर एसएमसी के प्रधान नेकराम, पंचायत प्रधान कमल ठाकुर,  सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य दीनानाथ शर्मा, सेवानिवृत्त मुख्याध्यापक ओमानंद शर्मा, नेकराम और अभिभावकों ने  शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए शीघ्र शिक्षकों की नियुक्ति की जाए। इस बारे में स्कूल प्रधानाचार्य दिनेश जम्वाल ने कहा कि रिक्त चल रहे पदों का मामला उच्चाधिकारियों के ध्यान में लाया गया है।  उच्च शिक्षा उपनिदेशक मंडी अशोक शर्मा ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो। इसके लिए शिक्षकों की कमी को पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नई नियुक्तियांे के समय शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक को खाली पदों का ब्यौरा भेजें ताकि इस पाठशाला में प्राथमिकता के आधार पर रिक्त पदों की भरपाई की जा सके।

 

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