टिक्कर के देवीधार जंगल में आग

गागल  —गर्मियों के मौसम में आग के प्रति हल्की सी असावधानी भी भयानक रूप धारण कर लेती है। ऐसा ही एक वाकया बल्ह क्षेत्र के टिक्कर गांव के देवीधार जंगल में पेश आया जब किसी नामालूम व्यक्ति की लापरवाही से लगी हल्की सी आग भयानक लपटों में तबदील हो गई। बुधवार देर शाम देवीधार जंगल में मनसा माता मंदिर से नीचे उठती आग की लपटों को देख कर स्थानीय निवासियों ने वन विभाग को सूचित किया और खुद उपलब्ध साधनों से आग बुझाने में जुट गए। बनग्राम निवासी धर्मपाल शर्मा ने बताया की जंगल में आग लगने की सूचना मिलते ही उन्होंने आसपास के लोगों को एकत्रित किया और वे तुरंत आग बुझाने के प्रयास करने लगे, लेकिन तब तक आग प्रचंड रूप धारण कर चुकी थी और जंगल के विस्तृत क्षेत्र में फैल चुकी थी। बाद में वन विभाग के फोरेस्ट गार्ड किशोर चंद और केहर सिंह भी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों की मदद से आग बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए, लेकिन मौसम खराब होने की वजह से तेज हवाएं चल रही थीं, जिसके कारण जितनी भी आग बुझाते दूसरी तरफ  उतनी ही भड़कती जा रही थी। जंगल की सूखी पत्तियां आग में पेट्रोल का काम कर रही थीं, जिससे  आग पर काबू पाना मुश्किल हो रहा था। फिर भी  सभी के  सामूहिक  अथक परिश्रम एवं प्रयासों से रात को लगभग डेढ़ बजे तक जंगल की आग पर काबू पा लिया गया अन्यथा यह आग साथ लगते रिउंटी, बंगोट और कांढी तारापुर के जंगल तक फैल सकती थी, जिससे करोड़ों की वन संपदा  स्वाहा हो जाती। गौरतलब है कि आजकल पशु पक्षियों का प्रजनन का मौसम चल रहा है, जिसके कारण सैकड़ों पक्षियों के अंडे और बच्चे इस आग में झुलस सकते थे और वन्य जीव भी आग में जलकर नष्ट हो गए होते। वन विभाग के कर्मियों ने स्थानीय निवासियों, जिन्होंने समय रहते आग बुझाने में मदद की और समय पर वन विभाग को सूचित किया, उनका धन्यवाद किया है। इसके साथ अनुरोध किया है कि वे इसी प्रकार सतर्क रहकर समय रहते अपने वन संपदा को बचाने हेतु प्रयासरत रहें।

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