टीहरा में कब खुलेगा बैंक

स्थानीयवासी दो दशक से कर रहे मांग, सुविधा न होने से लोग परेशान

टीहरा –धर्मपुर उपमंडल की उपतहसील टीहरा में दो दशक बीतने के बाद भी भारतीय स्टेट बैंक की शाखा नहीं खुल पाई है। इस मामले को सरकार व बैंक प्रबंधन को क्षेत्रवासियों ने कई बार मांग पत्र सौंपे, लेकिन इस पर कोई भी कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। इससे क्षेत्रवासियों की राष्ट्रीयकृत बैंक शाखा खोलने की मांग पूरी नहीं हो पाई। यहां राष्ट्रीयकृत बैंक शाखा खोलने की मांग स्थानीय लोग पिछले दो दशकों से करते आ रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्र में बैंकिंग सुविधा उपलब्ध करवाने के भारत सरकार के भारतीय रिजर्व बैंक के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। यहां राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा न होने से लोगों को सरकाघाट या धर्मपुर 20 किलोमीटर दूर अपने कार्य करवाने के लिए जाना पड़ता है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक और मानसिक परेशानी उठानी पड़ती है, वहीं एक कार्य के लिए पूरे दिन के समय की बर्बादी का सामना करना पड़ता है और कार्य न होने पर दोबारा 20 किलोमीटर दूर के चक्कर लगाने पड़ते हैं। क्षेत्र में भारतीय रिजर्व बैंक शाखा खोलने की मांग तो काफी पुरानी चली आ रही है, लेकिन यह मांग आज दिन तक पूरी नहीं हो पाई है। यह कस्बा आसपास की दस पंचायतों का केंद्र बिंदु है। यहां से अनेक पूर्व सैनिकों और दूसरे पेंशनरों व सेना में कार्यरत नौजवानों को अपनी पेंशन व वेतन सुविधा के लिए सरकाघाट या अवाहदेवी जाना पड़ता है, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। विगत वर्ष यहां पंजाब नेशनल बैंक का एटीएम तो संचालित कर दिया गया, लेकिन बैंक शाखा से क्षेत्र की जनता मेहरूम ही रही। दस वर्ष पूर्व टीहरा धर्मपुर व संधोल में भारतीय स्टेट बैंक शाखा खोलने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने लाइसेंस भी जारी कर दिए गए थे बावजूद इसके धर्मपुर व संधोल में तो बैंक शाखाएं खोल दी गईं, लेकिन बैंक प्रबंधन के ढुलमुल रवैए के चलते इस कस्बे को नजरअंदाज कर दिया गया, जिससे लोगों में भारी रोष व्याप्त है। इस विषय पर यहां के लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल बैंक प्रबंधन से भी मिल चुका था। इस मांग को सांसद अनुराग ठाकुर के समक्ष भी रखा गया था, लेकिन क्षेत्र के लोगों को मलाल है कि आज तक यहां राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा नहीं खुल पाई है। क्षेत्र के लोगों ने यहां  भारतीय स्टेट बैंक की शाखा खोलने की मांग सरकार व बैंक प्रबंधन से दोहराई है। स्थानीय विधायक व सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर महेंद्र सिंह का कहना है कि चुनाव आचार संहिता के समाप्त होने के बाद व केंद्र में नई सरकार के गठन पर केंद्रीय वित्त मंत्री से इस मामले को उठाया जाएगा और इस पर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। 

 

 

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