डांड स्कूल में दो दिन में भरो खाली पद

 सलूणी—राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डांड में अध्यापकों के रिक्त पदों को भरने को लेकर तीन दिनों के भीतर कोई ठोस कार्रवाई न होने की सूरत में अभिभावकों ने बच्चों संग सडकों पर उतरकर चक्का जाम की दो टूक सुना डाली है। साथ ही अभिभावकों ने लोकसभा चुनावों के बहिष्कार की बात भी कही है। इस भावी फैसले की जानकारी अभिभावकों ने सोमवार को एसडीएम सलूणी को ज्ञापन सौंप कर दे दी है।  उधर, राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डांड में पांचवें दिन भी अभिभावकों ने बच्चों को पढने के लिए नहीं भेजा। छात्रों के स्कूल न पहुंचने से पांचवें दिन भी परिसर में सन्नाटा छाया रहा। अभिभावकों ने अध्यापकों के रिक्त पद भरे जाने के बाद ही बच्चों को स्कूल भेजने की बात को दोहराया है। एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में डांड पाठशाला की एसएमसी कमेटी के प्रधान भोला राम, सोनू, अशोक कुमार व सुरेश आदि  ने कहा है कि राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डांड में करीब तीन सौ छात्र शिक्षा ग्रहण करते हैं। पाठशाला में पठन- पाठन के लिए शैक्षणिक स्टाफ के कुल 26 पद स्वीकृत है। मगर इनमें अध्यापकों के केवल आठ ही पद भरे गए हैं। अध्यापकों के पद रिक्त होने से छात्रों की पढाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। अभिभावकों के अध्यापकों के रिक्त पदों को भरने की मांग पर भी कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है। स्टाफ की कमी से जूझ रही डांड पाठशाला में इस वर्ष शिक्षा बोर्ड संचालित जमा दो व दसवीं का परीक्षा परिणाम भी काफी निराशाजनक रहा है। जमा दो में 38 में दो और दसवीं में 71 छात्रों में चार ही पास हो पाए हैं। अभिभावकों का कहना है कि कक्षाओं के बहिष्कार के बावजूद रिक्त पदों को भरने को लेकर कोई कार्रवाई न होने की सूरत में अब चक्का जाम व मतदान के बहिष्कार जैसे कडे कदम उठाने का द्यफैसला लिया गया है। जिसकी सारी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन को होगी।

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