ढली रेप केस ने उड़ाई खाकी की नींद

शिमला—राजधानी शिमला के साथ लगते ढली क्षेत्र में युवती के साथ हुए रेप के मामले को सुलझाना पुलिस प्रशासन के लिए बड़ा पेचिदा हो गया है। हैरत है कि युवती के साथ यह घटना घटित हुए एक हफ्ता बीच चुका है, लेकिन अभी तक कोई भी सुराग पुलिस के हाथ नहीं लग पाया है। इस मामले के बाद पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल उठ रहे हैं। वहीं लोकसभा चुनाव की तैयारियों के बीच यह मामला सुलझाना सरकार के लिए भी बेहद जरूरी है। बता दें कि ढली में 19 वर्षीय जिस युवती के साथ रेप हुआ है, वह हरियाणा की बातई जा रही है। 19 साल की युवती के साथ हुए रेप मामले के बाद देवभूमि शिमला की छवि एक बार फिर से खराब हो गई है। इस मामले के  घटित होने के बाद शहर में अभिभावक भी अपनी बेटियों को बाहर भेजने से डरने लगे हैं। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन व सरकार की तरफ से बेटियों की सुरक्षा के लिए उठाए गए सभी कदमों पर भी लोग सवाल उठ रहे हैं। इस पूरे मामले को सुलझाना पुलिस प्रशासन के लिए तब भी मुश्किल हो रहा है, क्योंकि पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पीडि़ता बार-बार अपने ब्यान बदल रही है।

टैक्सी चालक से 65 हजार की ठगी

शिमला में एक टैक्सी चालक से धोखाधड़ी का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने धोखाधड़ी के शिकार हुए व्यक्ति की शिकायत पर मामला दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। शिकायत कर्ता का आरोप है कि जुब्बल से ताल्लुक रखने वाले एक व्यक्ति, जिसका नाम लोकेंद्र सिंह बताया जा रहा है। उसने टैक्सी दिलाने के नाम पर उससे 65 हजार रुपए लिए, मगर काफी दिनों से उसका फोन बंद पडा हुआ है और वह पैसे भी नहीं लौटा रहा है। पुलिस ने शिकायत दर्जकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।

शिमला के हेल्पलाइन नंबर

 पुलिस- 100  आग्निशमन कंट्रोल रूम 101

 सदर थाना  2652860  छोटा शिमला थाना 2620954

 बालूगंज थाना  2830193  ढली थाना  2841377

 न्यू शिमला 2671765  गुडि़या हेल्पलाइन 1515

 होशियार सिंह हेल्पलाइन टॉल फ्री नंबर- 1090

जिला में नौ मई तक साफ रहेगा मौसम 

कई दिनों से खराब मौसम से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार नौ मई तक शिमला सहित प्रदेश के अन्य क्षेत्रांे में तेज धूप खिली रहेगी।

ओलावृष्टि ने बढाई बागबानों की चिंता

शिमला जिला में कुछ दिन पहले हुई ओलावृष्टि की वजह से बागबानों को खासा नुकसान हुआ है। वहीं, कई फसलें भी खराब होने की सूचना है। बताया जा रहा है कि इस सेब सीजन में बागबानों को ज्यादा मुनाफा नहीं होगा।

रोगी वाहन को टक्कर, दो को आईं चोटें

शिमला मंे एक रोगी वाहन को टक्कर मारने का मामला सामने आया है। इस टक्कर में दो लोगों को चोटंे आई हैं। पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। 

ईवीएम-वीवीपैट को किया सीरियल लॉक

लोकसभा चुनाव के लिए शिमला संसदीय क्षेत्र की सभी ईवीएम और वीवीपैट मशीनें सीरियल लॉक कर दी गई हैं। शिमला संसदीय क्षेत्र की द्वितीय रैंडेमाइजेशन प्रक्रिया शनिवार को सामान्य पर्यवेक्षक डा. हरिओम तथा उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में पूर्ण की गई। शिमला के निर्वाचन अधिकारी राजेश्वर गोयल ने रैंडेमाइजेशन प्रक्रिया को पूर्ण किया। राजेश्वर गोयल ने इस अवसर पर कहा कि यह प्रक्रिया शिमला लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के सभी 17 विधानसभा क्षेत्रों के लिए निर्वाचन अधिकारी स्तर पर पूरी की गई है। प्रथम रैंडेमाइजेशन प्रक्रिया जिला निर्वाचन अधिकारी के स्तर पर की गई थी।

छात्रों व शिक्षकों को बताईं स्वीप गतिविधियां

शिमला ग्रामीण विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में स्वीप गतिविधियों के तहत दूरस्थ क्षेत्र हिमरी बनूना गरेरी व जलोग में मतदाता जागरूकता अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नोडल अधिकारी परम देव शर्मा व नीम चंद झिंगटा ने विद्यार्थियों, शिक्षकों, गैर शिक्षक कर्मचारी व अभिभावकों को भारतीय संविधान व लोकतंत्र पर ज्ञान बांटा।

आठ मई तक पीजी में ले सकते हैं दाखिला

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय दूरवर्ती शिक्षा एवं मुक्त अध्ययन केंद्र (इक्डोल) में स्नातकोत्तर कक्षाओं में एमए, एमकॉम, एमबीए एवं डिप्लोमा कोर्स जिनकी हाल ही में प्रथम सत्र की परीक्षाएं समाप्त हुई हैं, के द्वितीय सत्र में प्रवेश के लिए नवीकरण फीस जमा करने के लिए तिथि 8 मई तक बढ़ा दी गई है। एचपीयू प्रशासन के अनुसार प्रवेश पोर्टल केवल 8 मई तक ही खुला रहेगा उसके बाद किसी भी हालात में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय व इक्डोल की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन प्रवेश ले सकते हैं।

गर्मियों में तीन दिन में बन सकता है जीवामृत

गर्मियों में फसलों को बेहतर खाद देने के लिए जीवामृत तीन दिन में किसान व बागबान बना सकते हैं। गर्मियों में पारा बढ़ने की वजह से गाय के गोबर और मूत्र व अन्य घरेलू वस्तुओं से जीवामृत तीन दिन में तैयार किया जा सकता है। ऐसा उदाहरण शिमला के एक युवा ने पेश कर दिया है। शिमला के अमित ने ड्रम में गोबर, मूत्र और लस्सी, गुढ़ मिलाकर जीवामृत तैयार कर कृषि विभाग में जानकारी दी है।

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