तालाब तो बन गए; पर न उसमें पानी, न मछलियां

पांवटा साहिब—जिला सिरमौर के पांवटा साहिब की ग्राम पंचायत बद्रीपुर में जामनीवाला रोड पर निर्माणाधीन प्रदेश के सातवें कार्प फिश ब्रीडिंग फार्म का काम तीन साल से शुरू नहीं हुआ है। फार्म पर तालाब तो बन गए हैं, लेकिन न तो अभी तक उसमंे पानी है और न ही मछलियों का बीज। फार्म का करीब 80 फीसदी कार्य तो दो साल पूर्व पूरा हो चुका था। बाकी के बचे कार्य को भी करीब एक साल पहले पूरा किया जा चुका है, लेकिन यह केंद्र शुरू नहीं हो पाया है। जानकारी के मुताबिक पांवटा साहिब के बद्रीपुर मंे हिमाचल का सातवां कार्प फिश ब्रीडिंग फार्म बनने जा रहा है। फिलहाल इसका कार्य पूरा हो गया है। यह कार्य लोक निर्माण विभाग के माध्यम से हुआ है। इस प्रस्तावित फार्म में राहु, मृगल व कतला मछली की प्रजातियों का बीज तैयार किया जाएगा। फार्म निर्माण के लिए मत्स्य विभाग की तरफ से लोक निर्माण विभाग पांवटा को पहले 31 लाख की राशि दी गई थी, जिसके बाद पांवटा साहिब के बद्रीपुर में इस फार्म पर लोक निर्माण विभाग द्वारा काम किया गया। आईपीएच विभाग ने भी इस फार्म पर ओवरहैड टैंक के अलावा काफी कार्य किया है, लेकिन इसे पूरा करने के लिए पहले स्वीकृत राशि नाकाफी रही जिस कारण लोक निर्माण विभाग से रिवाइजड बजट एस्टिमेट मांगा था। इसे पूरा करने के लिए करीब 10 लाख रुपए की अतिरिक्त राशि आई जिससे कार्य पूरा हुआ। जानकार बताते हैं कि पांवटा दून में अधिकतर लोग खेती करते हैं। ऐसे में यदि उनका झुकाव मछली पालन की ओर होता है तो खेती के साथ-साथ वह मछली पालन के क्षेत्र मंे भी स्वरोजगार हासिल कर सकते हैं। यहां के गिरिपार क्षेत्र मंे पहाड़ी इलाके ठंडे हैं जहां पर मछली को काफी पसंद किया जाता है। इस फार्म के शुरू होने के बाद से स्थानीय मछली पालक और किसान इस ओर रुचि लेंगे और इससे अपनी आर्थिकी सुदृढ़ करेंगे। बताते चलें कि इस फार्म में छह हेचरी, चार नर्सरी तालाब और दो ब्रूड स्टॉक तालाब तैयार किए गए हैं, जिसमंे राहु, मृगल व कतला मछली की प्रजातियों का बीज तैयार किया जाना प्रस्तावित है। उधर, इस बारे में लोक निर्माण विभाग पांवटा के अधिशाषी अभियंता अजय शर्मा ने बताया कि मत्स्य विभाग से फार्म का काम पूरा करने के लिए अतिरिक्त बजट की मांग की गई थी। बजट मिलने के बाद कार्य पूरा कर लिया गया है।

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