तीन बलात्कार, देवभूमि फिर शर्मसार

शिमला रेप केस में मजिस्ट्रेट रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं

 शिमला  —शिमला में युवती के साथ हुए दुष्कर्म मामले में लक्कड़ बाजार चौकी पर करवाई गई मजिस्ट्रेट जांच रिपोर्ट पर सरकार अभी तक कोई निर्णय नहीं ले पाई है। हालांकि एडीएम लॉ एंड ऑर्डर ने जांच रिपोर्ट शुक्रवार को सरकार को सौंप दी थी, लेकिन रिपोर्ट सौंपने के चार दिन बाद भी इस रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। बता दें कि पीडि़ता ने पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया कि वह दुष्कर्म से पहले लक्कड़ बाजार चौकी गई थी, लेकिन वहां से उसे किसी अन्य थाने में भेजा गया। पीडि़ता की शिकायत है कि उसी रात उसके साथ दुष्कर्म की घटना पेश आई। ऐसे में लक्कड़ बाजार चौकी की लापरवाही पर मुख्यमंत्री ने मजिस्ट्रेट जांच के निर्देश दिए थे। एडीएम लॉ एंड ऑर्डर ने जांच पूरी कर इसकी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी, लेकिन चार दिन का समय बीतने पर भी इस रिपोर्ट पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। उधर, अभी तक इस मामले की गुत्थी नहीं सुलझ पाई है। पीडि़ता ने 29 अप्रैल को ढली थाने में दुष्कर्म की शिकायत दर्ज करवाई थी।

नाहन में नाबालिग से अश्लील हरकतें, सौतेला पिता गिरफ्तार

 नाहन —जिला सिरमौर की चाइल्डलाइन टीम की छानबीन में एक 14 वर्षीय नाबालिग के साथ सौतेले पिता द्वारा बच्ची के साथ छेड़खानी का खुलासा हुआ है। चाइल्डलाइन द्वारा पीडि़ता बच्ची की काउंसिलिंग के बाद मामला पुलिस तक पहुंचाया गया। पुलिस ने भी मामले की गंभीरता देखते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। चाइल्डलाइन नाहन टीम की काउंसलर विनिता चौहान, सदस्य निशा चौहान ने बताया कि चाइल्डलाइन नाहन को 1098 के माध्यम से एक 14 वर्षीय बच्ची के शेल्टर को लेकर मामला प्राप्त हुआ था। वर्तमान में यह बच्ची अपने नानी के घर रह रही थी। बच्ची की मां ने दूसरा विवाह कर लिया था तथा पिता ने भी बच्ची को छोड़ दिया था। पीडि़ता एक वर्ष से स्कूल से ड्रॉपआउट थी। इस मामले में चाइल्डलाइन की टीम ने हस्तक्षेप किया तथा बच्ची की काउंसिलिंग में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पीडि़ता बच्ची ने बताया कि उसकी नानी सही तरीके से उसकी देखभाल नहीं कर पा रही तथा बच्ची ने बताया कि उसके सौतेले पिता द्वारा उसके साथ छेड़खानी की जाती है, जिसके चलते बालिका मानसिक रूप से काफी परेशान है तथा मजबूरी में उसे स्कूल छोड़ना पड़ा। पुलिस में दर्ज शिकायत में पीडि़ता बालिका ने कहा है कि उसे सौतेले पिता सोमी राम उसके साथ उसकी माता के सामने अश्लील हरकतें करता था तथा इस बात का किसी से भी खुलासा करने के लिए जान से मारने की धमकी देता था। पुलिस में दर्ज शिकायत में पीडि़ता ने कहा है कि उसके सौतेला पिता उसे जान से मारकर ढांक से फेंक देने की भी धमकी देता था। यही नहीं सौतेला पिता उसके सामने ही उसकी माता के साथ शारीरिक संबंध भी बनाता था। एफआईआर दर्ज होने के बाद पीडि़ता नाबालिग बच्ची के 164 के तहत बयान न्यायाधीश के समक्ष दर्ज किए गए, जिसमें पीडि़ता ने आपबीती सुनाई। चाइल्डलाइन नाहन की काउंसलर विनिता चौहान ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है तथा बच्ची को बाल कल्याण समिति के आदेश के बाद पुलिस की मदद से चाइल्डलाइन सिरमौर की टीम द्वारा शिमला के मशोबरा स्थित टूटीकंडी शेल्टर होम में भेज दिया गया है। विनिता चौहान ने बताया कि अब शेल्टर होम में बच्ची की उचित देखभाल व शिक्षा प्रदान की जाएगी।

पांवटा के व्यापारी पर रेप के आरोप

किडनैपिंग केस में नया मोड़; अपहरण का मामला दर्ज करवाने वाले कारोबारी के खिलाफ शिकायत लेकर युवती पहुंची थाने

 पांवटा साहिब —पांवटा साहिब में दो दिन पूर्व उजागर हुए किडनैपिंग के एक मामले में नया मोड़ आ गया है। इस मामले में अब पंजाब की एक युवती का पर्दापण हुआ है, जिसमें किडनैपिंग के कथित पीडि़त लाड़वा के व्यापारी पर रेप का आरोप लगाया है। शिकायत के बाद माजरा पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से अदालत ने उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। माजरा पुलिस को दी गई शिकायत में पीडि़त युवती ने कहा है कि उसकी लाड़वा के व्यापारी विनोद गर्ग से फेसबुक से जान-पहचान हुई। युवती ने रेडियोग्राफर का कोर्स किया हुआ है और वह अपने लिए नौकरी देख रही थी। इस बारे में इसने विनोद गर्ग को भी बताया था, जिसने इसे बोला कि इसकी बहुत जान-पहचान है और यह उसको नौकरी दिलवा देगा। दो मई को युवती पांवटा साहिब अपनी रिश्तेदारी में आ रही थी, तो इसको विनोद गर्ग का फोन आया और उसने कहा कि उसने नौकरी ढूंढ ली है और तुम यमुनानगर की तरफ से आ जाना। जब वह यमुनानगर बस स्टैंड पहुंची, तो विनोद उसे गाड़ी में पांवटा की तरफ लाया और रास्ते में एक होटल के पास रुका। उसे गाड़ी में बिठाकर खुद अंदर चला गया और आकर इसको कहा कि इंटरव्यू लेने वाले आ गए हैं। उसके बाद उसे कमरे में ले जाकर उससे जबरदस्ती गलत काम किया। उसके बाद वह उसे गाड़ी में बिठाकर पांवटा की तरफ चला और पांवटा की बजाय उसे यमुनानगर की तरफ ले जाने लगा। इस बीच युवती ने रिश्तेदारी में फोन किया, तो इसका भाई और उसके अन्य दोस्त आए और व्यापारी से छुड़ाकर उसके भाई ने उसे घर भेज दिया। गौर हो कि दो मई को पांवटा साहिब में उस समय सनसनी मच गई, जब यह पता चला कि पुरूवाला के पास एक गाड़ी का एक्सीडेंट हुआ है और गाड़ी में सवार दो लोग फिरौती का साढ़े पांच लाख रुपए लेकर भाग रहे थे। डीएसपी पांवटा सोमदत्त ने कहा कि युवती की शिकायत के बाद लाड़वा के व्यापारी से पूछताछ की जा रही है।

फिरौती नहीं, ब्लैकमेकिंग का केस

शुरुआत में जिस मामले को किडनैपिंग कर फिरौती से जोड़कर देखा जा रहा था, अब लग रहा है कि वह ब्लैकमेलिंग का मामला हो सकता है। इस मामले में हरियाणा पुलिस की सीआईए यूनिट पर भी सवाल उठ रहे हैं, जिन्हें आरोपियों को हरियाणा ले जाने की बहुत जल्दी हो रही थी। बताया जा रहा है कि सिविल अस्पताल पांवटा साहिब के पकड़े गए दो आरोपियों को हरियाणा पुलिस की टीम पूरी तरह ठीक होने से पहले ही ले गई थी। इस मामले में युवती के पर्दापण से मामले का एंगल ही चेंज होता नजर आ रहा है।

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