तीर्थन का बाड़ीसारी बना टूरिस्ट का हव

कुल्लू—बंजार उपमंडल पर्यटन एवं मत्सय आखेट के  लिए मशहूर तीर्थन घाटी का बाड़ीसारी क्षेत्र टूरिस्टों का हव बन रहा है। मौजूदा दिनों में यहां की वादियों को निहारने के लिए बाहरी राज्यों के पर्यटक पहुंच रहे हैं। लेकिन पर्यटकों का बाड़ीसारी रमणीक स्थल बेहद पसंद आ रहा है, लेकिन शर्ची सड़क की हालत पर्यटकों को काफी परेशान कर रही है। भू-स्खलन और उबड़-खाबड़ सड़क में कई बार पर्यटक वाहनों को हिचकोले खाने पड़ रहे हैं। रविवार को मध्य प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्रा, छतीसगढ़ के पर्यटकबाड़ीसारी की सुंदर वादियों को निहारने के लिए पहुंचे। जहां पर्यटक यहां के हरे-भरे मैदान को देखकर खुश हुए। वहीं, यहां के ठंडे मौसम ने तो पर्यटकों को और भी ज्यादा सुकून प्राप्त करवाया।  हैरानी की बात यह है कि लगभग एक वर्ष से ज्यादा समय हुआ है, लेकिन सड़क को बस चलने योग्य नहीं बनाया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के लोग ही नहीं बल्कि पर्यटन व्यवसाय से जुड़े कारोबारी भी लोक निर्माण विभाग से खफा हो गए हैं। पर्यटन व्यवसायी परस राम भारती का कहना है कि इन दिनों तीर्थन घाटी की तरफ काफी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। तीर्थन घाटी में पर्यटकों को घूमने फिरने के लिए कई मनोरम स्थल व वादियां मौजूद हैं। यहां पर पर्यटक साल के किसी भी माह में घूमने आ सकते हैं। मार्च से जून-जुलाई तक यहां पर पर्यटकों की काफी तादाद देखने को मिल रही है। यहां आकर पर्यटक एक दिन से लेकर 15 दिन तक पार्क क्षेत्र के इकोजोन और कोर जोन में ट्रैकिंग, कैंपिंग, फिशिंग जैसी अन्य साहसिक एवं गतिविधियों का आनंद ले सकते हैं। तीर्थन घाटी में कई ऐसे अनछुए मनोरम स्थल मौजूद हंै जहां पर पर्यटकों के कदम अभी तक शायद ही पड़े हो। घाटी में इस समय ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क, तीर्थ, रोला, पेखड़ी, बुंगा, सौर,  छोई झरना, शरची जमाला, बाड़ासारी, लांभरी, बशलेउ पास जैसे स्थल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बने हैं। इसके अलावा घाटी में अभी तक शिली शरूनगर, मशियार, कंडी गलु, ठारी, बशीर,  कलवारी और श्रीकोट जैसे कई अन्य ऐसे खूबसूरत क्षेत्र हैं, जो अभी तक पर्यटकों की राह देख रहे हैं। उनका कहना है कि इस बार पर्यटक काफी इस ओर आ रहे हैं।  तीर्थन घाटी हिमाचल पर्यटन के क्षेत्र में एक उभरता हुआ स्थल है जहां पर ग्रामीण एवं साहसिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हंै।

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