तूफान-ओलावृष्टि से बागबानों को नुकसान

मंडी—बिगड़ता मौसम बागबानों व किसानों के लिए कहर बनकर टूटा है। अगर आगामी कुछ दिनों में मौसम का मिजाज यूं ही बिगड़ता रहा तो बागबानों को मेहनत भी नसीब नहीं होगी। मंडी जिला में गत माह में मौसम बिगड़ने से बागबानों को करीब 60 लाख रुपए का नुकसान हो चुका है।  बारिश के साथ-साथ ओलावृष्टि व तूफान के चलते सबसे ज्यादा नुकसान सेब, आम के साथ-साथ लीची, प्लम, आडू, खुमानी सहित अन्य फसलें प्रभावित हुई हैं।  इन दिनों दोबारा मौसम बिगड़ने पर बागबानों में चिंताएं बढ़ गई हैं। बागबानी विभाग से जिलाभर में हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर निदेशालय व प्रदेश सरकार को भेज दी है। बता दें कि मंडी जिला के ऊपरी क्षेत्र करसोग, गोहर, जंजैहली, सराज क्षेत्र के अलावा अन्य में सेब, प्लम, का उत्पादन होता है, जबकि मैदानी क्षेत्र में आम, लीची, आडू और प्लम का उत्पादन होता है, लेकिन ओलावृष्टि व तूफान के कहर से उक्त फसलों पर संकट आ गया है। बागबान सूरत सिंह, प्रताप चंद, मनोहर लाल, इंद्र पाल, जीत राम, जगदीश चंद, महेंद्र सिंह, लोकेश, शेष राम, चैनू राम, बोहरु राम सहित अन्य का कहना है कि मौसम की बेरुखी के चलते फसलें प्रभावित हो रही है। कुछ दिन पहले ओलावृष्टि, बारिश और तापमान में गिरावट से सूबे में सेब का उत्पादन प्रभावित हुआ है। वहीं फ्लावरिंग के समय हुई ओलावृष्टि और बारिश से बागवानों को करोड़ों की चपत लगी है। उन्होंने बताया कि सराज क्षेत्र में हाल ही में हुई ओलावृष्टि से एंटीहेल नेट भी भर गए थे। उन्होंने बताया कि अगर आगामी दिनों में मौसम फिर बिगड़ता है, तो उक्त क्षेत्र की फसलें काफी प्रभावित हो सकती है। उधर, एपी कपूर, उपनिदेशक बागबानी विभाग मंडी ने कहा कि ऊपरी क्षेत्र में ओलावृष्टि व तूफान के चलते सेब सहित अन्य फसलंे प्रभावित हुई हैं। एक माह में जिलाभर में हुए नुकसान की रिपोर्ट निदेशालय व प्रदेश सरकार को भेज दी है।

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