…तो तत्तापानी बनेगा बेस्ट टूरिस्ट डेस्टिनेशन

सरकार सही दिशा में प्रयास करे, तो दौड़े-दौडे़ आएंगे देश-विदेश से सैलानी, वाटर स्पोर्ट्स बनाएंगे काम

करसोग –सौंदर्य का खजाना तत्तापानी के नाम कुदरत ने खुले मन से प्रदान किया है, जिसे निखारने तथा संवारने की आवश्यकता को सामने रखा जाए तो निश्चित तौर पर यह धार्मिक तीर्थ स्थल एवं पर्यटन स्थल के रूप में विश्व विख्यात हो सकता है। गौरतलब है कि ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल तत्तापानी हिमाचल का एक सुप्रसिद्ध तीर्थ है। तत्तापानी की झील पर्यटकों को बहुत आकर्षित करती है। यहां पर सैलानी गर्म पानी के प्राकृतिक चश्मों मे स्नान के साथ नौका विहार का भी खूब आनंद लेते हैं। यहा घाटों पर सुंदर मंदिर बने हैं। झील के तट पर स्थित संध्या सल्फर हाट स्प्रिंग हैल्थ केयर प्राचीन भारत के विविध चिकित्सा उपक्रमों के पंचकर्म, योगाभ्यास, प्राणायाम, प्राकृतिक चिकित्सा के आकर्षण की वजह से पर्यटकों, साधकों को मौन आमंत्रित करता रहता है। पुराने व ऐतिहासिक तत्तापानी को नया रुप देने की कोशिश में लगे समाजसेवी प्रेम रैना के अथक सार्थक प्रयासों ने तत्तापानी को पर्यटन और पुरातन चिकित्सा पद्धति का संगम बना दिया है। आकर्षक झील और शानदार हाट स्प्रिंग हैल्थ केयर केंद्र से सजा तत्तापानी प्राकृतिक सुंदरता के लिए अपनी अलग पहचान रखता है। विकसित होती विकास की संभावनाओं के साथ यहां आने वाले लोगों को पुरानापन जहां कम ही दिखता है वहीं युवा व्यवसायी प्रेम रैना ने प्राचीन से प्रेरणा लेकर प्राचीन चिकित्सा पद्धति के नवजागरण से तत्तापानी को एक अत्यंत मनोरम स्थल बनाने का स्तुत्य प्रयास किया है। पर्यटन को लेकर प्रेम रैना के मन में जो क्रांति है, वह अद्भत है। लेकिन यदि सरकार इसे व्यावहारिक अमलीजामा पहना लेती है तो यह झील जल क्रीड़ा, फ्री स्टाइल तैराकी, क्याकिंग, कैनो पोलो, वाटर पोलो, वाटर स्की, शिकारा आदि प्रतियोगिताओं के माध्यम से देशी विदेशी पर्यटकों को खूब लुभा कर बार-बार तत्तापानी आने की ओर और अधिक आकर्षित कर सकती है। पर्यटन उद्योग की दृष्टि से तत्तापानी की महत्ता को देखते हुए हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मकर संक्रांति के पावन अवसर पर तत्तापानी में इस पावन नगरी को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की संभावनाओं पर विस्तृत बात कर तप्त जलकुंडों, घाटों और झील के सौंदर्यीकरण के लिए जो बजट की बात की उससे तत्तापानी में पर्यटन के विकास के प्रति मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर प्रतिबद्धता की मुहर लग जाने से निश्चित ही तत्तापानी को जहां नईं पहचान मिलेगी वहीं लोगों की आर्थिक उन्नति के द्वार भी खुलेंगे।  पूर्व वरिष्ठ पर्यटन अधिकारी रहे समाजसेवी एडी शर्मा व समाजसेवी , साहित्यकार डा. जगदीश शर्मा ने कहा कि तत्तापानी सहित करसोग के अनेक पर्यटक स्थल सुंदरता का खजाना लेकर अभी तक छाया में है जिन का प्रचार-प्रसार किया जाए तो यह क्षेत्र सैलानियों से पूरा साल सराबोर रहेगा जिसमें सेरी बंगलो, चरोगदड, धमून टिब्बा, चवासीगढ,़ चिंडी, पागणा, बखरोट, माहंूनाग, शंकर देहरा, रायगढ़ बेलरधार आदि के क्षेत्र हैं जहां पर पर्यटकों की आवाजाही बढ़ सकती है।

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