त्रियूंड में अवैध कब्जों परहाई कोर्ट ने मांगी रिपोर्ट

शिमला -हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने कांगड़ा के जिलाधीश को आदेश दिए हैं कि वह धौलाधार की पहाडि़यों पर स्थित प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल त्रियूंड में वनभूमि पर किए गए अवैध कब्जों का निरीक्षण कर स्टेटस रिपोर्ट हाई कोर्ट में दायर करें। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश धर्मचंद चौधरी व न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर की खंडपीठ ने डीसी कांगड़ा को त्रियूंड क्षेत्र में वनभूमि पर किए गए अवैध कब्जे हटाने के आदेश भी दिए। कोर्ट ने अपने आदेशों में कहा कि अगर अवैध कब्जों के लिए कोई भी सरकारी अधिकारी अथवा कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कार्यवाही की जाए। प्रार्थी नरेश कुमार के अनुसार त्रियूंड में 25 दुकानें व छह गेस्ट हाउस अवैध हैं, जिनका निर्माण वन भूमि पर किया गया है। बहुत से टेंट भी वनभूमि पर नाजायज कब्जा करके लगाए गए हैं। इन गेस्ट हाउस, दुकानों और टेंट वालों द्वारा उक्त क्षेत्र में गंदगी फैलाई जा रही है, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है। याचिकाकर्ता ने क्षेत्र से जुड़े कुछ फोटोग्राफ भी याचिका में लगाए हैं, जिनका अवलोकन करने पर कोर्ट ने संबंधित विभागों के लापरवाह कर्मियों की कार्यप्रणाली पर अफसोस जताया और दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करने के आदेश जारी किए। मामले पर अगली सुनवाई 24 जून को होगी। 

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