थुईला में ‘राष्ट्र की चिंता किसी को नहीं’

बम्म—बिलासपुर लेखक संघ की मासिक बैठक एवं कवि संगोष्ठी पंतेहड़ा के थुईला गांव में हुई। बैठक की अध्यक्षता संघ के प्रधान रोशन लाल शर्मा ने की। संघ के कार्यकारी महासचिव  रविंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि बैठक के प्रथम सत्र में जिला की लोक संस्कृति से जुड़े झेड़ पर चर्चा की गई, जिसको कलमबद्ध करने का जिम्मा पांच साहित्यकारों को सौंपा गया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया की इस वर्ष संघ का अक्तूबर में होने वाला सम्मेलन सेना से जुड़े लोगों को समर्पित होगा, जिसमें जिला से लगभग 25 बहादुर सैनिकों को सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर कर्नल जसवंत सिंह चंदेल ने सेना के बारे में विस्तृत जानकारी दी। एनआर हितेशी ने यादों के झरोखे से एक पत्र पढ़ा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि संघ की आगामी बैठक नौ जून को पिछड़ा क्षेत्र कोटधार के गांव डुडि़यां में आयोजित की जाएगी। बैठक के द्वितीय सत्र में सभी उपस्थित कवियों ने अपनी-अपनी रचनाएं प्रस्तुत की, जिंनका श्रोताओं ने आनंद लिया। मंच संचालन रविंद्र कुमार शर्मा ने किया। सर्वप्रथम जसवंत सिंह चंदेल ने जिंदगी अभी बाकी है…,रूप शर्मा ने वोटर-वोटर जाना नहीं, मुझे छोड़ कर…, एनआर हितैशी ने आजकल इलेक्शन का दौर चला हुआ है, मैं भी इलेक्शन में खड़ा हुआ हूं…, द्वारका प्रसाद शर्मा ने बार-बार दुर्घटनाएं और घोटाले हो रहे हैं, देश-प्रदेश खोखले हो रहे हैं…, रामलाल शर्मा ने मुझे इस दुनिया में लाए, हो माता-पिता तुम्हें वंदन…, कर्नल जसवंत चंदेल ने कहां-कहां ढूंढा तुझको, पर मिला नहीं मुझको, सुख तू कहां है…, जगदीश चंद ने तेरे पैरों के नीचे है जन्नत मेरी, उम्रभर सर पर साया चाहिए, प्यारी मां मुझको तेरी छाया चाहिए, अनिल शर्मा ने बहुत बहाए हैं आंसू…, अमर नाथ धीमान ने जन्म दिता बड़ा किता खूब दिता…, चंदर शेखर पंत ने अब तक समझ नहीं पाए हैं, क्यूं आते हैं क्यूं जाते हैं…, सरस्वती देवी ने आज के युग में न आएंगे बचाने गोविद लाज हमारी…, वीणा वर्धन ने 88 साल में शादी की इतनी जल्दी क्या थी…,     सुनीता शर्मा ने बेटियों को बचाने का वादा करो…, रविंद्र कमल ने प्रश्न है खड़ा सामने मेरे,न मुझमें है कोई सुंदरता न आकर्षण…, हेमराज शर्मा ने गांव की सैर…,डा. रविंद्र ठाकुर ने बड़ी पीड़ ही इना गलां री, पर आऊना जाना भूली गए…, रविंद्र कुमार शर्मा ने राष्ट्र की चिंता किसी को नहीं, सब जनता को उल्लू बना रहे हैं, व रोशन लाल शर्मा ने वोट हमारा अधिकार, वोट की चोट करें हम मिलकर कविता प्रस्तुत की।

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