दस दिन बाद नाले से निकाली लाश

मेडिकल कालेज में पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव

चंबा—चंबा- खज्जियार मार्ग पर मंगला गांव के समीप गत बुधवार तडके पहाडी दरकने से हुए भूस्ख्लन की जद में आकर जिंदा दफन पोकलेन आप्रेटर रवि कुमार पुत्र बृजलाल वासी गांव बबेली जिला मंडी का शव शुक्त्रवार को दस दिनों के बाद घटनास्थल से पचास मीटर नीचे नाले से बरामद कर लिया गया है। रवि कुमार के शव को तलाशने में लोक निर्माण विभाग की कंपार्टमेंट तकनीक ने अहम भूमिका अदा की है। शुक्त्रवार दोपहर बाद पुलिस ने मेडिकल कालेज में मृतक के शव का पोस्टमार्टम उपरांत परिजनों को सौंप दिया है। जिला प्रशासन की ओर से तहसीलदार पवन ठाकुर ने मृतक के परिजनों को तीस हजार रूपए की फौरी राहत प्रदान कर दी है।  उल्लेखनीय है कि गत बुधवार सवेरे करीब दो बजे खज्जियार मार्ग पहाडी के अचानक दरकने से पोकलेन मशीन सहित आप्रेटर रवि कुमार को जिंदा दफन हो गया था। घटना के बाद से ही जिला प्रशासन व लोक निर्माण विभाग का अमला रवि कुमार की तलाश हेतु अभियान छेडे हुआ था। रवि कुमार को तलाशन के लिए एनडीआरएफ भटिंडा की यूनिट को भी चंबा बुलाया गया था। मगर मलबे में दबे रवि कुमार का कोई सुराग नहीं लग पाया। इसी बीच 21 मई को एनडीआरएफ की टीम बेरंग लौट गई थी। इसके बाद रवि कुमार को तलाशने के सर्च आप्रेशन की कमान लोक निर्माण विभाग के एक्सईन जीत सिंह ठाकुर ने अपने हाथों में ले ली थी। लोक निर्माण विभाग के एक्सईन जीत सिंह ठाकुर ने सहायक अभियंता मीत शर्मा व चंद्रमोहन संग घटनास्थल को 14 कंपार्टमेंट में बांटने के बाद रवि कुमार की तलाश को नए सिरे से अभियान छेड रखा था। शुक्त्रवार को करीब कंपार्टमेंट तकनीक के तहत जारी सर्च आप्रेशन के दौरान 36 घंटे उपरांत आठवें हिस्से में रवि कुमार का मशीन में फंसा शव बरामद करने में सफलता हासिल कर ली। रवि कुमार का शव बरामद होने की सूचना मिलते ही एसडीएम सदर दीप्ति मंढोत्रा व पुलिस टीम भी मौके पर पहंुच गई। रवि के शव को मशीन से बाहर निकालकर वाहन के जरिए पोस्टमार्टम हेतु मेडिकल कालेज चंबा लाया गया। पुलिस ने इस घटना को लेकर सीआरपीसी की धारा 174 के तहत कार्रवाई अमल में लाई है। रवि कुमार का शव बरामद होने के साथ ही जिला प्रशासन ने पिछले दस दिनों से जारी सर्च आप्रेशन पर भी दोपहर बाद विराम लगा दिया है।

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