दिल्ली में पहाड़ के चार कमल खिलाने को बागबान बने सीएम

शिमला – लोकसभा चुनाव के बहाने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पहाड़ के नेता के रूप में अपनी पकड़ को मजबूत बनाने में जुटे हैं। अपनी डेढ़ साल की सरकार का लेखा-जोखा जनता को देने के साथ देश में मोदी के नेतृत्व की सरकार को बनाने के लिए जयराम ठाकुर अहम जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यहां लोकसभा की चारों सीटों पर जीत दर्ज करने की प्रमुख जिम्मेदारी उनपर है और यही कारण है कि चुनावी माहौल में अभी तक जयराम ठाकुर 44 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं। इसमें सबसे प्रमुख राज्य के वह पहाड़ी क्षेत्र हैं, जहां पर वीरभद्र सिंह को एक छत्र नेता माना जाता था और लोग उनको सुनने के लिए बेसब्रे होकर पहुंचते थे। इस बार मौसम बदल चुका है और राजनीतिक हवा कहीं दूसरी ओर ही बल खा रही है। पहाड़ी क्षेत्रों जिसमें शिमला, सिरमौर, चंबा, लाहौल व ट्राइबल के कुछ एरिया के साथ कुल्लू व मंडी के इलाकों में जयराम ठाकुर के लिए भीड़ जुट रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग मुख्यमंत्री की जनसभाआें में पहुंच रहे हैं। भीड़ को देखकर साफ लग रहा है कि प्रचार में कांगे्रस उससे कहीं पिछड़ी हुई है। कांग्रेस का चुनाव प्रचार अभी तक उफान पर नहीं पहुंचा है, जबकि भाजपा तीन चरणों से भी ज्यादा उन क्षेत्रों तक पहुंच चुकी है जहां से कांग्रेस अभी भी दूर है। कांग्रेस जहां वीरभद्र सिंह के सहारे पर है तो भाजपा जयराम ठाकुर के कंधों पर सवार है। मुख्यमंत्री इस बहाने अपनी सरकार की नब्ज भी टटोल रहे हैं।

मिल रहा जनता को करीब से जानने का मौका

अलग-अलग जगहों पर जाकर लोगों से मिलना और उनसे विस्तार से बात करने का मौका मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को मिल रहा है। कुल मिलाकर यह कहें कि पहाड़़ के नेता के रूप में जयराम ठाकुर लोगों के बीच अपनी पकड़ बनाने की कोशिश इस लोकसभा चुनाव के बहाने कर रहे हैं तो अतिशयोक्ति नहीं होगी और इसमें लोगों का समर्थन भी उन्हें आगे बढ़ाने के लिए काफी है।

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