दिल्ली यूनिवर्सिटी में डाक्यूमेंट्स की फॉरेंसिक जांच

दिल्ली विश्वविद्यालय इस साल अपने कालेजों में एडमिशन देने से पहले छात्रों की मार्कशीट और दूसरे एकेडमिक डॉक्यूमेंट्स की जांच कराएगा। डीयू ने इसी साल यह फैसला लिया है। प्रशासन का तर्क है कि कोई फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल न कर सके इसलिए यह फैसला लिया गया है। डीयू सूत्रों के अनुसार पहली जून, 2019 से डीयू एडमिशन प्रोसेस शुरू करने जा रहा है। विश्वविद्यालय ने एडमिशन कमेटी की बैठक के बाद डीयू से संबद्ध कालेजों को ये निर्देश दिए हैं। कालेजों को कहा गया है कि उनके कालेज में दाखिला लेने के इच्छुक जो छात्र कट ऑफ में चयनित हों, उनके दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच जरूर कराई जाए। जिन दस्तावेजों की जांच होगी उनमें दसवीं का बोर्ड सर्टिफिकेट,  12वीं की मार्कशीट, जाति प्रमाण पत्र, इनकम सर्टिफिकेट, बीते तीन सालों के स्पोर्ट्स सर्टिफिकेट, एक्स्ट्रा कॅरिकुलर सर्टिफिकेट शामिल हैं। डीयू दाखिला समिति ने अभी तक यह फाइनल नहीं किया है कि डीयू एंट्रेंस एग्जाम कौन-सी एजेंसी कराएगी। बता दें कि डीयू अपने विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए एंट्रेंस एग्जाम आयोजित करेगा।

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