‘दिव्य हिमाचल’ का नशे पर वार, साथ चला समाज

 प्रदेश का अग्रणी मीडिया समूह ‘दिव्य हिमाचल’ पिछले कई सालों से पांवटा साहिब में स्कूली बच्चों को नशे के प्रति जागरूक कर रहा है। ‘दिव्य हिमाचल’ हर साल पांवटा साहिब के करीब एक दर्जन से अधिक निजी व सरकारी स्कूलों में ‘से नो टू ड्रग्स’ विषय पर पोस्टर मेकिंग कंपीटीशन आयोजित करवाता आ रहा है। इस बार भी ‘दिव्य हिमाचल’ का यह कंपीटीशन स्कूली बच्चों के मध्य जारी है। ‘दिव्य हिमाचल’ ने इस विषय को लेकर पांवटा साहिब के लोगों के विचार जानने चाहे तो यूं निकले जज्बात…

         दिनेश पुंडीर-पांवटा साहिब

  ‘दिव्य हिमाचल’ के प्रयास सराहनीय

 महिला जागृति मंच की अध्यक्ष व समाजसेवी आशा तोमर का कहना है कि ‘दिव्य हिमाचल’ के यह प्रयास सरहानीय हैं। उन्होंने बताया कि यदि हम स्कूली समय में ही बच्चों को नशे के दुष्प्रभाव के बारे में जागरूक करेंगे तो बच्चे अभी से ही इसकी बुराइयां जानकर इससे दूर रहने के लिए तैयार रहेंगे। बच्चे अपने आसपास के समाज को भी इस बारे में बताएंगे, जिससे नशे का खात्मा होगा।

बच्चों को बताने होंगे नशे के दुष्प्रभाव

 दि स्कॉलर्स होम स्कूल पांवटा साहिब की निदेशक गुरमीत कौर नारंग का कहना है कि बच्चे कच्ची मिट्टी की तरह होते हैं। उन्हें जैसे तैयार करेंगे वो वैसे ही तैयार होंगे। अभी से उन्हें सामाजिक कार्यों के प्रति प्रोत्साहित करने का ‘दिव्य हिमाचल’ नेक कार्य कर रहा है। बच्चों में अभी से ही नशे के दुष्प्रभाव के महत्त्व की जानकारी देनी होगी तो ही आगे जाकर वह भी समाज मंे व्याप्त इस बुराई को मिटाने में अपना योगदान देंगे।

वाह ’दिव्य हिमाचल’

पांवटा साहिब मंे हर सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने वाले सिरमौर ट्रक आपरेटर यूनियन के पूर्व प्रधान सरदार बलजीत सिंह नागरा का कहना है कि ‘दिव्य हिमाचल’ का ‘से नो टू ड्रग्स’ पोस्टर मेकिंग कंपीटीशन बाकई बच्चों को नशे के दुष्प्रभाव की जानकारी देने का बड़ा माध्यम बन सकता है। उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजन से बच्चों में समाज की बुराइयों को दूर करने में योगदान देने की भावना बढ़ती है। ’दिव्य हिमाचल’ वाकई में एक सराहनीय कार्य कर रहा है।

‘दिव्य हिमाचल’ की जन जागरण मुहिम बेहतरीन

 जिला सिरमौर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य व अभिभावक पंडित कमलकांत सेमवाल का कहना है कि ‘दिव्य हिमाचल’ नशे जैसी घातक बीमारी से बचने के लिए इस जन जागरण मुहिम का जो बेहतरीन कार्य कर रहा है वह काबिलेतारीफ है। उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने चार साल पूर्व इस कार्यक्रम के बारे में उन्हें बताया तो उन्हें बेहद खुशी हुई। उन्हंे अहसास हुआ कि जो बातें ज्यादातर अभिभावक अपने बच्चों से एक झिझक के कारण शेयर नहीं कर पाते वो उन्हें स्कूलों में सीखने को मिल रही हैं।

नशे को दूर करने के लिए सभी करें प्रयास

गिरिपार क्षेत्र के कफोटा के ज्ञान चौहान का कहना है कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम सभी अखबारों को करने चाहिए। उन्होंने बताया कि पांवटा साहिब में होने वाले इस आयोजन में गिरिपार क्षेत्र के स्कूलों को भी शामिल किया जाना चाहिए, ताकि उनमें भी समाज में कोढ़ की तरह फैल रही नशे की इस बीमारी को दूर करने की भावना पनपे और वह भी समाज के लिए अपना योगदान दे सके।

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