दुबई में भारतीय छात्र का डंका

दुबई -दुबई में रहने वाले भारतीय किशोर ने प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय विज्ञान मेला प्रतियोगिता के फाइनल में जगह बनाने वाले 100 क्षेत्रीय प्रतियोगियों की सूची में पहला स्थान प्राप्त किया है। बिजली की बर्बादी पर लगाम लगाने और स्ट्रीट लाइटें ‘स्मार्ट’ बनाने की उसकी परियोजना के लिए भारतीय किशोर को पहला स्थान मिला। एक मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। रिपोर्ट के मुताबिक, दुबई के इंडियन हाई स्कूल में 11वीं कक्षा के छात्र शामिल करीम को ‘गूगल साइंस फेयर ग्लोबल कांटेस्ट’ के लिए चुना गया। इस प्रतियोगिता के लिए आई हजारों प्रविष्टियों में से शामिल का चयन किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, शामिल ने अपनी परियोजना के जरिए बताया कि यदि कोई कार या व्यक्ति किसी रास्ते से गुजर रहा है तो उसके आगे के रास्ते पर रोशनी खुद ही तेज हो जाती है और उसके पीछे की रोशनी खुद ही मद्धिम पड़ जाती है, जिससे बिजली की बचत होती है। मूल रूप से चेन्नई के रहने वाले 15 साल के शामिल ने महंगे इंफ्रारेड आधारित मोशन डिटेक्टरों का इस्तेमाल करने की बजाय फोटो-रेजिस्टरों का इस्तेमाल किया, ताकि गुजरती हुई कारों या लोगों की परछाई का पत चल सके। जब कोई परछाई नजर आएगी तो आगे के रास्ते में रोशनी तेज हो जाएगी, जबकि पिछले रास्ते की रोशनी मद्धिम हो जाएगी। अंतिम सूची में दुनिया भर से चयनित 20 प्रतियोगियों के नामों की घोषणा इस महीने की जाएगी।

पिता की प्रेरणा से निकाला समाधान

शामिल ने बताया कि सुरक्षा कारणों से आप सड़कों पर लगी लाइटों को पूरी तरह बंद नहीं कर सकते और फिर अचानक जला नहीं सकते। लिहाजा, समाधान यह है कि जब भी आप रास्ते के जिस हिस्से पर चलें, वहां रोशनी तेज हो जाए और गुजर जाने पर मद्धिम हो जाए। शामिल ने बताया कि वह अपने पिता से मिली प्रेरणा की वजह से बिजली की बर्बादी पर लगाम लगाने का समाधान लेकर आ सके। उन्होंने कहा कि हम देर रात एक पार्क में थे और सारी लाइटें जल रही थीं। मेरे पिताजी ने कहा कि क्या हम इसका कुछ नहीं कर सकते? तभी मैंने फैसला किया कि मेरी परियोजना में स्ट्रीट लाइटों को स्मार्ट बनाने की बात होगी।

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