देश में ‘MenToo’ मूवमेंट की जरूरत: पूजा बेदी

 
रविवार को रेप और अवैध वसूली के आरोपों में गिरफ्तार किए गए टीवी ऐक्टर करण ओबेरॉय के सपॉर्ट में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। उनके ऊपर यह आरोप एक फैशन डिजाइनर ने लगाए हैं। मीडिया से बात करने के लिए इस मौके पर करण की बहन गुरबाणी ओबेरॉय, बेस्ट फ्रेंड पूजा बेदी, बैंड ऑफ बॉयज के मेंबर सुधांशु पांडेय, शेरिन वर्गीस, चैतन्य भोसले और सिद्धार्थ हल्दीपुर मौजूद थे
यह बिल्कुल अविश्वसनीय स्थिति है: सुधांशु पांडेय 
‘बैंड ऑफ बॉयज’ के मेंबर और करण के दोस्त सुधांशु पांडेय ने कहा, ‘मैं पिछले 2 दशक से करण को जानता हूं। हम दोनों ने पर्सनल और प्रफेशनल लाइफ में एक-दूसरे के अच्छे-बुरे दिन देखे हैं। करण के पिता एक सम्मानित रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर हैं। वह एक बहुत अच्छी फैमिली से संबंधित हैं जहां बहुत अच्छी तरह से उनका पालन-पोषण हुआ है। ऐक्टर बनने से पहले करण मर्चेंट नेवी में थे। उन्होंने हमेशा बिना किसी बुराई के अनुशासन भरी जिंदगी जी है। क्योंकि हम उन्हें अच्छी तरह से जानते हैं, इसलिए उनपर जो आरोप लगाए गए हैं उन पर हम विश्वास नहीं कर सकते। मुझे जीवन में मिले लोगों में करण सबसे उदार लोगों में से एक हैं। इन आरोपों को तो छोड़िए, मैंने कभी उन्हें किसी महिला के साथ ऊंची आवाज में या बेरुखी से बात करते हुए भी नहीं देखा है। इसलिए अभी हमारे लिए यह बिल्कुल अविश्वसनीय स्थिति है। यही कारण है कि हम एक साथ आकर खड़े हुए हैं। हम लोगों को बताना चाहते हैं कि करण के साथ जो कुछ भी हो रहा है वह गलत है।’ 

करण को हुए नुकसान की भरपाई नहीं हो सकती: पूजा बेदी 
ऐक्ट्रेस पूजा बेदी ने कहा, ‘हम सभी करण को जानते हैं और इस बात की जमानत दे सकते हैं कि वह बेहद शरीफ आदमी हैं। उन पर लगाए गए आरोप काफी गंभीर हैं। अभी तक जो सार्वजनिक तौर पर सामने आया है उसके मुताबिक, यह लड़की करण से साल 2016 के अंत में एक डेटिंग ऐप के जरिए मिली थी। यह घटना संभवतः 2017 की है और तब इसकी कोई खबर सामने नहीं आई थी। अक्टूबर 2018 में करण ने इस महिला के खिलाफ शोषण की शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि 2018 में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि वह और करण रिलेशनशिप में थे और उन्होंने करण को कई सामानों के साथ ही गिफ्ट्स भी दिए थे। साल 2019 में उन्होंने करण के खिलाफ मामला दर्ज कराया और उन्होंने कथित तौर पर जनवरी 2017 की घटी घटना की शिकायता समय भी ऐसा चुना जबकि अदालतों की छुट्टियां हो जाती हैं। 2018 में दिए गए इंटरव्यू में उनके बयान 2019 में दर्ज कराई गई उनकी एफआईआर से बिल्कुल भी मेल नहीं खाते हैं। 

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