दोहरा चेहरा लेकर घूम रही भाजपा

वीरभद्र सिंह बोले; इच्छाशक्ति होती तो अयोध्या में राम मंदिर खड़ा होता

रामपुर बुशहर – पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि भाजपा दोहरा चेहरा लेकर घूम रही है, जो भाजपा बोलती है, वह किसी भी हाल में पूरा नहीं होता। इसका उदहारण राम मंदिर निर्माण है। केंद्र में पिछले पांच वर्षों में भाजपा की सरकार थी, अगर भाजपा चाहती तो राम मंदिर अवश्य बन जाता, लेकिन भाजपा इस मुद्दे पर हमेशा ही वोट बैंक तलाशती है।  गुरुवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी रामपुर द्वारा राजदरबार में एक जनसभा का आयोजन किया गया, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, मंडी से पार्टी प्रत्याशी आश्रय शर्मा, विधायक विक्रमादित्य सिंह और विधायक नंदलाल सहित अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे। इस दौरान वीरभद्र सिंह ने कहा कि वह राजनीति में नहीं आना चाहते थे, बल्कि दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोफेसर बनना चाहते थे, लेकिन उन्हें पंडित जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री राजनीति में लाए और महासू से टिकट दिया। इसके बाद जब भी उनकी प्रदेश में या फिर केंद्र में जहां पर जरूरत महसूस की गई, उन्हें बुलाया गया। उन्होंने कहा कि मैंने कभी भी क्षेत्रवाद व जातिवाद की राजनीति नहीं की। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार का हर वादा जुमला ही साबित हुआ है। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने देश की जनता को कई सुनहरे सपने दिखाए थे, लेकिन उनमें से कोई भी पूरे नहीं किए और जनविरोधी नीतियां लागू कर देश की जनता पर थोपी गई। जिस कारण देश की जनता को कई प्रकार की समस्याओं से दो चार होना पड़ रहा है।

 

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