दो दिन बाद चुनाव, अब आई कुल्लू की याद

लोकसभा चुनावों के चंद रोज पहले होने लगीं भाजपा-कांग्रेस की रैलियां

कुल्लू  – कुल्लू में लोकसभा चुनाव के दौरान ‘देर आए पर दुरुस्त आए’ कहावत दोनों सियासी दलों पर बिलकुल ठीक बैठ रही है। यह पहला मौका है, जब मतदान से चंद रोज पहले भाजपा व कांग्रेस पार्टी ने कुल्लू में बड़ी रैलियां आयोजित की हैं। हालांकि आज से पहले बड़ी रैलियों की शुरुआत ही देवभूमि कुल्लू से हुआ करती थी, लेकिन इस बार के लोकसभा चुनाव में कुल्लू को खास तरजीह मिलती नहीं दिख रही है। लोकसभा चुनावों में दोनों ही दलों ने देवभूमि कुल्लू की अनदेखी की है। अभी तक एक भी बड़ी रैली कुल्लू में न होने से यहां की जनता में चर्चा थी कि आखिर कुल्लू में इस बार चुनावी माहौल क्यों नहीं दिख रहा है। ‘दिव्य हिमाचल’ ने देवभूमि कुल्लू में रैली न होने के मुद्दे को पिछले दिनों उठाया भी था। इसके चंद दिन बाद भाजपा ने गृह मंत्री की ‘विजय संकल्प’ रैली का आयोजन गुरुवार को कुल्लू के रथ मैदान में कर डाला। वहीं, गृह मंत्री ने भी कुल्लू में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें दूसरी बार कुल्लू आने का मौका मिला है और वह फिर आना चाहेंगे, लेकिन वह तब आएंगे, जब महेश्वर सिंह और सांसद उन्हें बुलाएंगे। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि बड़े नेताओं को देवभूमि से कितना लगाव है। वहीं, महेश्वर सिंह ने भी कार्यक्रम संपन्न होने के बाद यहां गृह मंत्री को परिवार सहित कुल्लू आने का न्यौता दिया। गुरुवार को कांग्रेस की भी रणनीति कुल्लू में रैली को लेकर तैयार हो चुकी है। मतदान के लिए दो का समय बाकी रह गया है। अंतिम दौर में हुई रैलियों का कुल्लू की जनता पर कितना असर पड़ता है, इसका खुलासा 23 मई को परिणाम आने के बाद होगा। ऐसे में कुल्लू में प्रचार को लेकर अनदेखी व देरी से होने का कितना फायदा या नुकसान किस दल को हुआ, यह मतदान के तीन दिन बाद मालूम पड़ जाएगा।

आज आएंगे राज बब्बर-सिद्धू!

बताया जा रहा है कि अभिनेता राज बब्बर कुल्लू में शुक्रवार को जनसभा को संबोधित करेंगे। अगर समय मिला तो नवजोत सिंह सिद्धू भी यहां आ सकते हैं, लेकिन देर शाम तक दोनों की नेताओं में कौन यहां आएगा, इस बात की पुष्टि किसी ने नहीं की। हालांकि शुक्रवार को होने वाली रैली को लेकर कांग्रेस ने पूरी तैयारी कर ली है। मैदान भी ढालपुर में बुक कर रखा है।

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