दो वक्त की रोटी के लाले

सोलन -फोरलेन निर्माण के चलते सैकड़ों लोगों को दो वक्त की रोटी के लाले पड़ गए हैं। इस निर्माण के कारण सड़क किनारे रेहड़ी या फड़ी लगाकर अपना व परिवार का गुजर-बसर करने वाले लोगों पर रोजगार का संकट आ खड़ा हुआ है। इससे उन्हें अपने व परिवार के भविष्य की चिंता सताने लगी है। विडंबना यह है कि अधिकांश लोग इस विकास की भेंट चढ़ चुके हैं और बाकी ऐसे हैं, जिनका रोजगार छीनने की कगार पर हैं, लेकिन इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। यदि सोलन शहर की बात की जाए तो यहां भी दोहरी दीवार के समीप रेहडि़यां लगाकर अपनी आजीविका चलाने वाले दर्जनों रेहड़ी व फड़ी वाले हैं, जो या तो उजड़ चुके हैं या फिर जल्द ही अपनी आय का साधन खोने वाले हैं। इस बारे में सपरून की मां शूलिनी रेहड़ी-फड़ी समिति ने शहरी विकास निदेशालय को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने स्ट्रीट वेंडिंग एक्ट का हवाला देकर वैकल्पिक व्यवस्था होने के बाद यहां से रेहड़ी हटाए जाने की मांग की है। फोरलेन बनाए जाने को समय की आवश्यकता बताते हुए रेहड़ी धारकों ने इस पर अपनी आपत्ति न होने की भी बात कही है। उनका कहना है कि इस स्थान पर वे पिछले कई वर्षों से अपना रोजगार चला रहे हैं, वहीं अब फोरलेन निर्माण बनाए जाने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन उससे पहले उनके लिए प्रशासन को कोई वैकल्पिक व्यवस्था देखनी चाहिए ताकि उनको रोजगार का संकट पैदा न हो। हालांकि प्रशासन व नगर परिषद द्वारा इस समस्या के हल के लिए सपरून बाइपास पर वेंडर मार्केट का निर्माण किया जा रहा है। फोरलेन की जद में आने वाले इन रेहड़ी धारकों को नगर परिषद द्वारा इस मार्केट में बसाए जाने की योजना है, लेकिन कछुआ गति से चल रहे इस कार्य ने रेहड़ी धारकों की मुसीबत को और अधिक बढ़ा दिया है। इतनी धीमी गति से चल रहे इस कार्य के बाद भी ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने से नगरपरिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी स्थान पर पिछले करीब डेढ़ दशक से पिकअप यूनियन भी चल रही है। इस यूनियन के तहत करीब 300 गाडि़यां पंजीकृत हैं। वहीं, टैक्सी यूनियन व छोटा हाथी यूनियन भी फोरलेन की जद में आ रहे हैं। अभी तक इनको भी कहीं दूसरा स्थान नहीं मिला है, जिससे आने वाले कुछ दिनों में यह भी उजड़ जाएगी। इसके अलावा कैंटर यूनियन का कार्यालय पहले ही टूट चुका है। इस बारे में पिकपअ यूनियन के अध्यक्ष दिनेश वर्मा व टैक्सी यूनियन के योगेश वर्मा का कहना है कि फोरलेन का निर्माण सही है, लेकिन इस कारण सैकड़ों लोगों को बेरोजगार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को जल्द से जल्द उनकी समस्या का समाधान करना चाहिए, ताकि सैकड़ों परिवारों के साथ न्याय हो सके।

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