धर्मशाला उतारे जा रहे मकलोडगंज के सैलानी

धर्मशाला—पर्यटन एवं बौद्ध नगरी मकलोडगंज का बस स्टैंड बंद होने से पर्यटन सीजन में सबसे बड़ी परेशानियां देश-विदेश से पहुंचने वाले पर्यटकों को झेलनी पड़ रही हैं। पर्यटकों को मकलोडगंज बस स्टैंड की बजाय धर्मशाला बस स्टैंड और बाइपास पर पहुंचकर ही बसें मिल पा रही हैं। इतना ही नहीं बाहरी राज्यों से पहुंचने वाले पर्यटकों को मकलोडगंज से 13 किलोमीटर पीछे धर्मशाला और बाइपास में ही उतारा जा रहा है। जिससे पर्यटकों को अपना जुगाड़ करके ही अपने बुकिंग करवाए हुए होटल व पर्यटक स्थल में पहुंचना पड़ रहा है। बस स्टैंड सहित दो मंजिल में 150 से अधिक वाहनों की पार्किगं भी बंद होने पर्यटक सहित स्थानीय लोग काफी परेशान हो रहे हैं। अब मकलोडगंज में पार्किंग के लिए बिलकुल भी स्थान नहीं बचा है, जिससे बेतरतीब खड़े होने वाले वाहन अधिक ट्रैफिक जाम की स्थिति ला रहे हैं। गुरुवार को भी मकलोडगंज में कई घंटों तक ट्रैफिक जाम की समस्या से जुझना पड़ा है। ऐसे में अब पर्यटन सीजन में पर्यटकों को मिल रही परेशानियों से पर्यटक बौद्ध नगरी से रूठ भी सकते हैं।  बस स्टैंड मैनेजमेंट अथाटिी शिमला द्वारा मकलोड़गंज बस स्टैंड को फीस शुल्क लेने की मनाही का नोटिस थमाया गया है। गौरतलब है कि बस स्टैंड में बसों को पार्किंग के लिए कंपनी द्वारा बड़ी रकम वसूल की जाती है। जबकि अब तक बस स्टैंड पूरी तरह से तैयार नहीं हुआ है। ऐसे में निजी कंपनी ने मनमानी करते हुए आदेशों की अवहेलना करते हुए बस स्टैंड पर अपना निजी दबदबा दिखाते हुए रास्ते को ही बंद कर दिया है। जिससे अब समस्त पर्यटन क्षेत्र पूरी तरह से थम गया है। पर्यटन सीजन के चलते घंटों लंबे ट्रैफिक ज़ाम से पर्यटकों सहित स्थानीय लोगों को परेशान होना पड़ा है। वहीं वोल्वो बसों को बाइपास में ही सवारियों को उतारने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जबकि मकलोडगंज पहुंचने वाली सैकड़ों गाडि़यों को कहीं भी पार्किगं नहीं मिल पा रही है। मकलोडगंज से जाने वाले यात्रियों को भी निगम द्वारा छोटी बसों से धर्मशाला तक पहुंचाया जा रहा है, उसके बाद आगे ले जाया जा रहा है। वहीं रात व सुबह जल्दी पहुंचने व जाने वाली बसों में यात्रा करना पर्यटकों के लिए बड़ी आफत बन गया है।

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