धार चांदना में बुजुर्ग को रैबीज

नेरवा—उपमंडल की पिछड़ी पंचायत धार चांदना में एक वृद्ध के रैबीज की चपेट में आने से सनसनी फैल गई है। धार चांदना में इन दिनों पागल कुत्तों का आतंक इस कदर व्याप्त है कि लोगों का घरों से निकलना भी दूभर हो गया है। बीते दिनों में ये पागल कुत्ते कई लोगों व दर्जनों पशुओं को अपना शिकार बना चुके हैं। करीब दो माह पूर्व रामसा राम (70) पुत्र शिव राम गांव धार को पागल कुत्ते ने काट खाया था। रामसा राम ने लापरवाही बरतते हुए एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाना जरूरी नहीं समझा। नतीजतन वह रेबीज की चपेट में आ गया। रैबीज के लक्षण सामने आने पर परिजन उसे आईजीएमसी शिमला लेकर गए। आईजीएमसी में चिकित्स्कों ने जांच कर बताया कि रेबीज अंतिम स्टेज में है एवं इसका अब कोई भी इलाज नहीं है अतः उसे वापस घर ले जाएं। ग्राम पंचायत धार चांदना के उपप्रधान नाग चंद शर्मा ने बताया कि इसके अलावा मोहन लाल पुत्र रामचू राम, गिरीश पुत्र दुला राम, रणवीर पुत्र रामचू राम, विपिन पुत्र हरी राम सभी गांव चवाल्डी एवं रीना पत्नी जीत सिंह व यशपाल पुत्र भगत राम गांव बठाड़ी को भी पागल कुत्ते काट चुके हैं। इसके अलावा स्थानीय मान सिंह के तीन बैल, आत्मा राम की एक गाय, ज्ञारू राम का एक बैल, दुला राम का एक घोड़ा व अन्य लोगों की छह सात गाय व अन्य पशु भी रेबीज की चपेट में आने से मर चुके हैं। पंचायत उपप्रधान नाग चंद ने आरोप लगाया है कि कुपवी व रोनहाट अस्पतालों में एंटी रेबीज उपलब्ध न होने की वजह से लोगों को निजी दवा दुकानों से महंगे दामों पर यह इंजेक्शन खरीद कर लगवाने पड़ रहे हैं। उधर तहसीलदार कुपवी गौतम नेगी ने नाग चंद के आरोप खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने इस बारे अस्पताल प्रशासन से पता किया है जिसमें चिकित्सक ने बताया कि अस्पताल में 50 यूनिट एंटी रैबीज इंजेक्शन पड़े हुए हैं। धार चांदना के लोगों ने वहां पर पागल कुत्तों के होने की कोई भी सूचना उन्हें नहीं दी है जबकि बीते एक माह में वह धार चांदना के कम से कम चार पांच दौरे कर चुके हैं। पंचायत के उप प्रधान नाग चंद शर्मा, वरिष्ठ नागरिक लायक राम एवं लच्छी राम ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि धार चांदना में चिकित्सकों एवं पशु चिकित्सकों की टीम भेज कर पागल कुत्तों के संपर्क में आए लोगों व जानवरों को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाए जाएं। उधर, उपमंडलाधिकारी चौपाल अजीत भारद्वाज से बात करने पर उन्होंने बताया कि कुपवी अस्पताल में पर्याप्त एंटी रैबीज उपलब्ध करवाने व पशु पालन विभाग के चिकित्स्कों एवं कर्मचारियों को धार चांदना का दौरा कर पागल कुत्तों के संपर्क में आए पशुओं को आवश्यक उपचार देने तथा 24 घंटे के भीतर पूरी कार्रवाई की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। 

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