नरेंद्र मोदी की भाषा बोल रहे जयराम

सुंदरनगर में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का हमला, शालीन होनी चाहिए भाषा

सुंदरनगर  —पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का कहना है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर नरेंद्र मोदी की भाषा में ही बात कर रहे हैं। वह जयराम ठाकुर को सभ्य आदमी समझते थे, लेकिन जयराम तो छुपे रूस्तम निकले। वीरभद्र सिंह सुंदरनगर के जवाहर पार्क में न्याय रैली को संबोधित कर रहे थे। जनसभा को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने संबोधित करना था, लेकिन खराब मौसम के चलते वह नहीं आ सकीं, जिसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने ही मुख्य वक्ता के रूप में जनसभा को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जयराम से वह बाद में निपट लेंगे और अब वक्त आ गया है कि जनता देश से भाजपा को हटाएगी। रामस्वरूप शर्मा के जो दर्शन करवाएगा, उसको मैं माथा टेकूंगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में राजनीतिक दशा बिगाड़ कर रख दी है। मोदी जिस तरह से कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर जिस भाषा में हमला बोल रहे हैं, वह एक सभ्य समाज में ठीक नहीं है। नरेंद्र मोदी भांप चुके हैं कि शायद इस दौर का यह उनका आखिर चुनाव है और यह डर उनके दिमाग में घर कर गया है। उन्होंने कहा है कि भाजपा वाले भी जानते हैं कि जो जनता चाहेगी, वही होगा और जो होगा, वही मंजूर-ए-खुदा होगा।  इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित सुखराम, पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा, पार्टी प्रभारी रजनी पाटिल, प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर, पूर्व मंत्री कौल सिंह, पूर्व सीपीएस सोहन लाल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

पहले कुल्हाड़ी से सिर काटना चाहते हैं मोदी

वीरभद्र सिंह ने कहा कि भाषा में शालीनता हो तो कड़वी बात भी हजम हो जाती है और कड़वी बात को संयम में रहकर भी कहा जा सकता है, लेकिन नरेंद्र मोदी पहले कुल्हाड़ी मारकर सिर काटना चाहते हैं।

पत्रकार सम्मेलन करके दिखाएं मोदी

सुंदरनगर—कांग्रेस नेता एवं राज्यसभा सदस्य आनंद शर्मा ने सुंदरनगर की रैली में कहा कि नरेंद्र मोदी ने केवल बार-बार फिक्स इंटरव्यू ही किए और सरकार की झूठी उपल्बधियों को देश के लोगों के सामने रखा। उन्होंने प्रधानमंत्री को अंतिम दौर के चुनाव से पहले एक पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करने की चुनौती दी। पहली बार किसी प्रधानमंत्री ने सेना का राजनीतिकरण किया है। नरेंद्र मोदी ने देश की सेना को अपमानित किया है।

आनंद ने वीरभद्र को बताया भीष्म पितामह

वीरभद्र सिंह व आनंद शर्मा की राजनीतिक तौर पर दूरियां हमेशा से ही सुर्खियों में रही हैं, वहीं ठियोग में हुई जनसभा में आनंद शर्मा ने वीरभद्र सिंह को भीष्म पितामह की संज्ञा दे डाली। उन्होंने कहा कि वह पार्टी के मार्गदर्शक हैं।

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