नशे से कैसे जीतें, अजय-विशाल से सीखें

दो साल से करते थे नशा, अब नशा छोड़ दूसरों को कर रहे जागरूक

कुल्लू -नशामुक्ति के क्षेत्र में बड़े पैमान पर काम करने की जरूरत है, ताकि इससे भावी पीढ़ी को नशे के जहर से बचाकर एक स्वस्थ जिंदगी दी जा सके। लेकिन नशे के लिए बदनाम कुल्लू जिला का युवा वर्ग अब नशे को त्यागने पर उतर आया। भले ही अभी जिला कुल्लू में नशे की लत में फंसे युवाओं की संख्या काफी ज्यादा हों, परंतु जिला के दो युवाओं ने नशा छोड़ ऐसी मिसाल पेश की कि जो कुल्लू, हिमाचल ही नहीं बल्कि देशभर के लिए प्रेरणा स्त्रोत से कम नहीं है। अभी मात्र कुल्लू के दो युवाओं ने ऐसा काम कर दिखाया कि जो उनके जीवन को आसानी से चला सकता है। वहीं, अन्य युवाओं को भी प्रेरित करेगा। जी हां जिला कुल्लू के युवा अजय और विशाल ने नशा मुक्ति केंद्र कुल्लू में आकर कोर्स कर नशे को त्याग दिया। वहीं, क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में तैनात डा. सत्यव्रत वैद्य के नशा छोड़ने के टिप्स पर गंभीरता लेते हुए दोनों युवाओं ने नशा मुक्ति केंद्र से ही जीन की राह सीख ली। युवाओं ने नशा को त्यागकर अब अपना ध्यान चित्रकारी की ओर आकर्षित किया है। इनके जहन में नशा है तो बस चित्रकारी करने का। लिहाजा, चित्रकारी मानो इनके जीवन में नशे छुड़वाने के लिए एक टॉनिक का काम किया है। दोनों ने कुल्लू ही नहीं बल्कि हिमाचल के साथ-साथ देश के युवाओं को संदेश दिया है कि नशे को छोड़कर पेंटिग्स जैसे कार्य की तरफ ध्यान दें, जिससे जीवन यापन हो सकता है। उन्होंने कहा कि वह अब चित्रकारी से पूरा जीवन जी सकते हैं। यहां सजी प्रदर्शनी में डाक्टरों ने इन दोनों युवकों द्वारा बनाई गए चित्रों को भी खरीदा। वहीं, इसमें ऐसा सामान भी रखा गया तो जो घर की सजावट के लिए था। विभिन्न पेंटिंग में दर्शाया गया है कि नशे से शरीर को क्या नुकसान होता है। इनकी पेंटिंग्स को अस्पताल के स्टाफ ने भी खूब सराह। दोनों युवक पहले नशे की लत में फंसे हुए थे। इन्होंने जहां नशा मुक्ति केंद्र कुल्लू में आकर डा. सत्यव्रत वैद्य से अपना इलाज करवाया। वहीं, अपना ध्यान नशे को छोड़कर पेंटिंग्स पर दिया और युवाओं को भी संदेश दिया कि डा. सत्यव्रत वैद्य ने कहा आज दोनों युवकों ने नशा छोड़ा है और अपना ध्यान पेंटिंग्स में दे रहे हैं।

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