नाम राष्ट्रीय, सुविधा लोकल लेवल की भी नहीं

कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में स्थापित कई राष्ट्रीय संस्थान, पर प्रभावी नहीं

 धर्मशाला    —हिमाचल की राजनीति में अहम स्थान रखने वाले कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में करीब एक दर्जन से भी अधिक केंद्रीय संस्थान हैं। बदलते परिवेश में इनका जो लाभ प्रदेश की जनता को मिलना चाहिए था, वह नहीं मिल पा रहा है। इसके लिए अधिकतर बड़ी परियोजनाओं का विस्तारीकरण व आधुनिकीकरण अनिवार्य है। सांसद शांता कुमार ने भी आधा दर्जन से अधिक बड़ी परियोजनाओं को केंद्र सरकार के दम पर सिरे चढ़ाने के दावे तो किए  थे, पर ये धरातल पर उतर नहीं पाई। गौर हो कि कांगड़ा निचले हिमाचल का मुख्य केंद्र है। यहां करीब एक दर्जन से अधिक राष्ट्रीय संस्थान व उनके केंद्र चल रहे हैं। इनके विस्तारीकरण और प्रभाव को बढ़ाने के लिए राज्य व केंद्र सरकारों की ओर से जो सार्थक प्रयास होने चाहिए थे, वे नहीं हो पाए। यदि हुए भी हैं, तो वे सिरे नहीं चढ़ पाए। इसके चलते कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के चंबा को तो देश का सबसे पिछड़ा जिला तक घोषित करना पड़ा। कांगड़ा जिला में मौजूदा समय में पालमपुर में आईएचबीटी, कांगड़ा में नेशनल इंस्टीच्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलाजी, केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला, भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) खेल छात्रावास धर्मशाला, आकाशवाणी केंद्र धर्मशाला, गरली स्थित संस्कृत विद्यापीठ विश्वविद्यालय परिसर, राष्ट्रीय भू-जल बोर्ड कार्यालय धर्मशाला, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट धर्मशाला, एयरपोर्ट, रेलवे, सेना की नौंवी कोर योल, कैंट आर्मी एरिया, पालमपुर आर्मी में सेना का केंद्र, ज्वालामुखी के पास सपड़ी में एसएसवी केंद्र, नूरपुर के कंदरोड़ी में स्टील प्लांट, एनडीआरएफ बटालियन नूरपुर और चंबा में एनएचपीसी सहित अन्य केंद्रीय वित्त पोषित संस्थान काम कर रहे हैं।

दावे तो बहुत हुए, पर प्रयास कारगर नहीं

केंद्रीय संस्थानों के विस्तारीकरण व इन्हें प्रभावी बनाने के लिए दावे और प्रयास तो हुए, पर धरातल पर नहीं उतर पाए। कांगड़ा एयरपोर्ट का विस्तारीकरण, कांगड़ा रेलवे को नैरोगेज से ब्रॉडगेज  करवाना, केंद्रीय विश्वविद्यालय का परिसर तैयार करवाना, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारना, साई छात्रावास में नए खेलों को जोड़ना, खिलाडि़यों के लिए राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं और ठहरने के लिए व्यवस्था करवाने सहित अन्य परियोजनाओं को भी समय के हिसाब से अपग्रेड करने की दिशा में जो प्रयास होने चाहिएं, उन्हें करने के लिए अभी समय लगेगा।

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