नारायण साईं को उम्रकैद

सूरत कोर्ट ने आसाराम के रेपिस्ट बेटे को भेजा जेल

सूरत -गुजरात के सूरत स्थित आश्रम में दो बहनों से दुष्कर्म के मामले में निचली अदालत ने मंगलवार को आसाराम के बेटे नारायण साईं को भी उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने गत शुक्रवार को नारायण साईं को दोषी करार दिया था। मामला 11 साल पुराना है। नारायण और आसाराम के खिलाफ सूरत की दो बहनों ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था। पुलिस ने पीडि़त बहनों के बयान और सबूतों के आधार पर केस दर्ज किया था। पीडि़त छोटी बहन ने नारायण साईं के खिलाफ ठोस सबूत दिए थे और मौका-ए-वारदात को पहचाना था। बड़ी बहन ने आसाराम के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था। केस दर्ज होने के बाद साईं अंडरग्राउंड हो गया था। करीब दो महीने बाद दिसंबर, 2013 में उसे हरियाणा-दिल्ली सीमा के पास गिरफ्तार कर लिया गया। वह सिख के वेश में मिला था। नारायण पर जेल में रहते हुए पुलिस कर्मचारी को 13 करोड़ रुपए की रिश्वत देने का भी आरोप लगा था। नारायण साईं की पत्नी जानकी ने भी अपने पति और ससुर आसाराम पर प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। उन्होंने इंदौर के खजराना पुलिस थाने में 19 सितंबर, 2015 को शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि 22 मई, 1997 को उसकी शादी नारायण हरपलानी (नारायण साईं का असली नाम) से हुई थी। इसके बाद नारायण ने उसके सामने ही कई महिलाओं से नाजायज संबंध कायम किए, जिससे उसे मानसिक प्रताड़ना सहनी पड़ी। बता दें कि आसाराम को पिछले साल जोधपुर अदालत ने यूपी के शाहजहांपुर की नाबालिग युवती से बलात्कार के मामले में दोषी ठहराया था और आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

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