निर्देशों को ठेंगा दिखा रहे निजी स्कूल

कुल्लू—निजी तथा शैक्षणिक संस्थानों के मुखियों की लापरवाही सामने आई है, जिसमें उच्च शिक्षा निदेशालय के निर्देशों  को ठेंगा दिखाया गया है। जिला कुल्लू के निजी और सरकारी हाई तथा सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में इंसीनेटर मशीनें स्थापित नहीं की गई हैं। अब शिक्षा विभाग कुल्लू ने सख्त निर्देश देते हुए मात्र पांच दिनों के भीतर निजी और सरकारी स्कूलों के प्रबंधन वर्ग को इंसीनेटर मशीन स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इसकी रिपोर्ट विभाग को तुरंत सौंपनी होगी। यदि अब भी कोताही बरती तो, विभाग  कार्रवाई अमल में लाएगा। यह मशीन सीनियर सेकेंडरी स्कूल और हाई स्कूल में स्थापित की जानी है। हैरानी की बात यह है कि अभी तक मात्र सात स्कूलों में यह मशीन स्थापित की गई है, जबकि जिला के निजी और सरकारी करीब 250 से अधिक स्कूलों में मशीनें स्थापित की जानी हैं, जिस तरह से अधिकतर स्कूलों के प्रबंधन वर्ग ने अब तक मशीनें स्थापित करना कार्य आरंभ नहीं किया गया है। इससे साफ जाहिर होता है कि शिक्षा विभाग के निर्देशों को अनदेखा किया जा रहा है। बता दें कि जिला कुल्लू में निजी स्कूल कुल 190 हैं। इनमें 150 से अधिक स्कूल सीनियर सेकेंडरी और हाई स्कूल है। निजी स्कूलों में मात्र दो स्कूलों में ही इंसीनेटर मशीन स्थापित की गई है। वहीं, हैरानी की बात यह है कि जिन सरकारी स्कूलों में यह मशीन लगनी है, उनकी संख्या कुल 149 के आसपास हैं। हैरानी की बात यह है कि यहां पर भी मात्र पांच स्कूलों ने विभाग के निर्देशों की पालना करते हुए मशीनें स्थापित कर रखी है। माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में सेनेटरी नेपकिन्स को नष्ट करने के लिए सेनेटरी नेपकिन इंसीनेटर मशीनें लगाई जानी हैं। उच्च शिक्षा निदेशालय हिमाचल प्रदेश से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रत्येक निजी उच्च एवं वरिष्ठ माध्यमिक शिक्षण संस्थानों में इंसीनेटर स्थापित करना अनिवार्य है। इस विषय पर पहले भी जिला के सभी उच्च एवं वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को ई-मेल के माध्यम से सूचना भेजी गई थी, लेकिन शिक्षा विभाग खेद है कि चंद निजी विद्यालयों द्वारा इंसीनेटर अपने विद्यालयों में स्थापित कर शिक्षा उपनिदेशालय कुल्लू को इसकी सूचना भिजवाई है।  इस संदर्भ में शिक्षा विभाग के शिक्षा उपनिदेशक इंस्पेक्शन एवं कार्यकारी उपनिदेशक उच्च शिक्षा विभाग कुलू बलवंत ठाकुर ने बताया कि सभी निजी उच्च एवं वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों के प्रधानाचार्यों, प्रबंधकों कोइस कार्य को पांच दिनों की अवधि में पूर्ण कर इसकी सूचना उप शिक्षा निदेशक उच्च कुल्लू को ई-मेल के माध्यम से भेजने के निर्देश दिए हैं। निजी विद्यालयों से प्राप्त सूचना को उच्च शिक्षा निदेशालय एवं हिमाचल प्रदेश सरकार को आगामी कार्यवाही के लिए निश्चित समय अवधि से भेजना जरूरी है।

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