निर्माण में घटिया सामग्री लगाने का आरोप

पंचकूला -मोरनी इलाके में जनस्वास्थ्य विभाग की लगातार मनमानियों से सरकार के करोड़ों के बजट के बावजूद लोगों को पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। मोरनी इलाके में विभाग पर येजनाओं के क्रियान्वयन में बडे़ गोलमाल के आरोप विभाग के ऊपर लग रहे है । बावजूद इसके आला अधिकारी मामले को टाल मटोल करके अपने मातहतों को बचाने में जुटे हैं। कई येजनाओं को विभाग की लापरवाही व निर्माण में गड़बडि़यों के कारण लटकना पड़ रहा है। इनमें से मोरनी खंड की ठाठर पंचायत में ठाठर-समलौठा प्रोजेक्ट के तहत जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा समलौठा तक जलापूर्ति करने के लिए वाटर स्टोरेज टैंक व मोटर रखने के लिए कमरे बनवाए जा रहे हैं। वहीं, पानी लिफ्ट करने के लिए दुंदल गांव में ऐसा ही टैंक बनाए जा रहे हैं। ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि इन टैंकों के निर्माण में घटिया किस्म की सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसका उन्होंने विरोध किया है। लोगों को कहना है कि  विभाग के अधिकारी काम करवाने वाले ठेकेदार व जिम्मेवार अपने कर्मचारियों के खिलाफ  कार्रवाई करने के  बजाय ग्रामीणों को समझाने में लगे हैं कि मेटीरियल उच्च क्वालिटी का है और वह लोग ठेकेदार को काम करने दें। लोगों ने जिला उपायुक्त को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। कुदाना पंचायत के सरपंच मनफूल शर्मा व ग्रामीण बाबू राम, टेक चंद, प्रीतम चंद, करतारा राम, तिलक राज, गुरदयाल, संजीव, तुलसी राम, महेश, रामकिशन, रमेश समलौठा, अशोक, अमरनाथ, रमेश पंच, माडू राम व देश राज आदि ने बताया कि जब से इस परियोजना का कार्य शुरू हुआ है, तब से ही घटिया किस्म का ईंट, रेत-बजरी व सरिया इस्तेमाल किया जा रहा है। उनके विरोध के बाद भी जनस्वास्थ्य विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। ग्रामीणों ने कहा कि बारिश में खराब हुए सीमेंट और जंग लगे सरिए को टैंक निर्माण में लगाया गया है।

क्या कहता है विभाग

उधर विभाग के कनिष्ठ अभियंता इंद्रजीत ने कहा कि ठाठर समलौठा परियोजना में मेटीरियल में कोई कमी नहीं है। किसी भी प्रकार से गलत कार्य नहीं करने दिया जाएगा। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के इंजीनियर. इन-चीफ  मेनपाल सिंह ने बताया कि मामला अभी तक संज्ञान में नहीं है। ग्रामीण उन्हें शिकायत दें, वह जांच करवाएंगे।

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