नीदरलैंड सिखाएगा बंदरों से निपटना

हिमाचल ने बुलाए विशेषज्ञ, 20 हजार नसबंदी का रखा टारगेट

 शिमला –प्रदेश वाइल्ड लाइफ विभाग अब मॉडर्न तरीके से बंदरों से निपटेगा। इसके लिए वन विभाग ने नीदरलैंड के विशेषज्ञों को हिमाचल आमंत्रित किया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक जून माह के दूसरे सप्ताह में नीदरलैंड की टीम हिमाचल आएगी और जहां-जहां बंदरों का खतरा है, उन क्षेत्रों का व्यापक दौरा करेगी। नीदरलैंड के ये विशेषज्ञ बंदरों के ग्रुप और उनके रहने के प्रमुख अड्डों को खत्म करेगी। हालांकि पिछले तीन सालों से नगर निगम शिमला सहित प्रदेश की 38 तहसीलों में बंदरों को मारने की अनुमति दी गई थी, लेकिन मात्र पांच बंदर ही मारे गए। हाल ही में केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने प्रदेश की 91 तहसीलों में बंदरों को मारने की अनुमति दे दी। इसमें नगर निगम शिमला शामिल नहीं हैं। इसके साथ-साथ अब वन विभाग ने नया तरीका तलाश लिया है। नीदरलैंड से आने वाली यह टीम शिमला सहित प्रदेश के अन्य शहरों में बंदरों के ग्रुप को खत्म कर उन्हें किसी दूसरे स्थान पर ले जाएगी। उसके बाद वहां पर नसबंदी भी की जाएगी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक 2015 में हुई गणना के मुताबिक प्रदेश में दो लाख सात हजार बंदर हैं, जिसमें से एक लाख 70 हजार बंदरों की नसबंदी हो चुकी है। बताया गया कि पिछले साल 20 हजार बंदरों की नसबंदी हुई थी और इस बार भी  विभाग ने 20 हजार बंदरों की नसबंदी का टारगेट फिक्स किया है। वन विभाग ने राजधानी शिमला में लोगों को बंदरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए नौ मंकी वॉचर्स तैनात किए हैं। हैरानी इस बात की है कि इन मंकी वॉचर्स ने एक भी बंदर नहीं मारा। लोगों की सुरक्षा के लिए ही नौ मंकी वॉचर्स को ईको बटालियन कुफरी से शिमला में तैनाती दे दी गई। नगर निगम शिमला के दायरे में खुंखार बंदरों को मारने की अनुमति के लिए अब केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से मंजूरी का इंतजार रहेगा।

 

 

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