नेताओं की घोषणाओं का सच

 ठाकुर शेर सिंह, मंडी

आम चुनावों का समय है, नेता अपनी बोली भी बदलेंगे और दल बदलने में भी देर नहीं लगाएंगे। ऐसे में जागरूक मतदाताओं को नेताओं के भाषण सुनकर उनके झांसे में नहीं आना चाहिए। नेताओं पर यह बात लागू होती है कि ‘जो गरजते हैं, वे बरसते नहीं’। जयराम सरकार का मानना है कि उन्होंने इस कहावत को बदल दिया है और वह जो कहते हैं, उसे करके दिखाते हैं। जयराम साहिब आप ने विधानसभा चुनाव से पहले कितनी सड़कों को बस चलने योग्य घोषित किया, परंतु कई जगहों पर बस के दर्शन सिर्फ एक दिन हुए। कई स्कूलों और पीएचसी भवनों के शिलान्यास किए गए, जहां 2019 आने पर भी एक ईंट नहीं लगी है। बेरोजगारी दूर करने का कोई प्रयास नहीं किया गया है।

 

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