नेरवा में एचआरटीसी बसों में भिड़ंत, नौ घायल

ड्राइवर की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा, उतराई में बस की ब्रेक फेल होने से पेश आया हादसा

नेरवा -नेरवा-झीकनीपुल सड़क पर बस चालक की सूझबूझ से उस समय एक बड़ा हादसा टल गया जब परिवहन निगम की दो बसें आपस में भिड़ गई। इस भिड़ंत में नौ लोगों के घायल होने के साथ साथ दोनों बसों को भी काफी क्षति पंहुची है। हुआ यूं कि कोटि सरांह से नेरवा की तरफ से आ रही बस संख्या एचपी 03बी-6118 का प्रेशर पाइप फटने के कारण न्योटी स्थित गुरुद्वारा के समीप उतराई में ब्रेक फेल हो गई। इससे पहले कि यह बस अनियंत्रित होकर न्योटी पुल पर किसी अनहोनी का शिकार होती। नेरवा से रेवल पुल की तरफ जा रही बस संख्या एचपी 03 बी 6058 भी इस स्थान पर पंहुच गई। कोटि सरांह बस के चालक ने सूझबूझ से काम लेते हुए अनियंत्रित हो चुकी बस को सामने से आ रही दूसरी बस को सामने एक तरफ से टकरा कर रोक लिया। भिड़ंत में घायल हुए तीन लोगों को गंभीर चोटों की वजह से नेरवा अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया गया है, जबकि छह अन्य को छुट्टी दे दी गई है। वहीं हर समय विवादों में रहने वाली 108 सेवा भी इस हादसे के बाद एक बार फिर से सवालों के घेरे में आ गई है। बसों की भिड़ंत के बाद 108 को फ़ोन करने पर यह घटनास्थल पर नहीं पंहुची। इस वजह से घायलों को निजी वाहन से नेरवा अस्पताल पहुंचाया गया। इसके बाद चिकित्सकों द्वारा 108 बुलाई गई, परंतु यह शिमला जाने लायक नहीं थी, क्योंकि इसमें जैक भी नहीं था एवं  इसका एक टायर भी फटा हुआ था। 108 की इस हालत को देखते हुए एचआरटीसी डिपो नेरवा के कार्यकारी क्षेत्रीय प्रबंधक रतन शर्मा ने घायलों को एक टैक्सी का इंतजाम कर शिमला आईजीएमसी भेजा। 108 सेवा की इस बदहाली पर स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है। बताया जा रहा है कि यह 108 गाड़ी करीब एक हफ्ते से झिकनीपुल में खड़ी थी। उधर, घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि कोटि सरांह बस का चालाक सूझबूझ से काम लेते हुए बस को दूसरी बस से ना टकराता तो यह बस सड़क से बाहर भी जा सकती थी अथवा पुल की रेलिंग को तोड़ते हुए हामलटी खड़ में भी गिर सकती थी। इस सूरत में नुकसान कहीं ज्यादा भी हो सकता था। रेफर किए गए तीन घायलों को प्रशासन की तरफ से तहसीलदार नेरवा ऋषभ शर्मा द्वारा तीन तीन हजार रुपए फौरी राहत के तौर पर प्रदान किए गए।

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