न्यूजीलैंड-ओमान से भी आएंगे निवेशक

शिमला – हिमाचल प्रदेश में निवेश के लिए सरकार  विदेशी कंपनियों के साथ मुखातिब है। कई विदेशी उच्चायुक्तों व प्रतिनिधिमंडलों के साथ बातचीत के बाद शुक्रवार को दिल्ली में ओमान व न्यूजीलैंड के उच्चायुक्तों के साथ भी बातचीत की गई। इन देशों की कुछ कंपनियों से भी हिमाचल ने यहां पर निवेश के लिए चर्चा की है। इन दोनों देशों के उद्यमियों को भी प्रदेश में होने वाली इन्वेस्टर मीट का निमंत्रण दिया गया है।  दिल्ली में इन देशों के प्रतिनिधियों से प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग मनोज कुमार ने मुलाकात की है। उन्होंने बताया कि किस तरह से हिमाचल प्रदेश निवेश के लिए काम कर रहा है और यहां पर भविष्य में क्या-क्या रियायतें प्रदान की जाएंगी। बता दें कि एक तरफ अधिकारी बाहर से निवेश लाने के लिए प्रयास कर रहे हैं तो दूसरी ओर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के विदेश दौरे भी तय कर लिए गए हैं। मुख्यमंत्री अपनी टीम के साथ जून महीने में विदेश दौरों पर रहेंगे। वह कनाडा, नीदरलैंड, यूएई व जर्मनी का दौरा करेंगे। वहां से हिमाचल में निवेश की खासी संभावनाएं देखी गई हैं, जिसके लिए अधिकारियों की कई कंपनियों से भी चर्चा हुई है। बताया जाता है कि मुख्यमंत्री के विदेश दौरों पर जाने को लेकर केंद्र सरकार से इजाजत मांगी गई है। संबंधित मंत्रालयों को इसे लेकर पत्र भेजे गए हैं। सीएम के साथ अन्य टीम सदस्यों के अलावा उद्योग मंत्री विक्रम सिंह भी मौजूद रहेंगे। राज्य में 85 हजार करोड़ रुपए के निवेश  की संभावनाओं को देखा जा रहा है। यह लक्ष्य रखा गया है, जिससे पहले 17 हजार करोड़ रुपए के एमओयू यहां पर हो चुके हैं। इनकी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और आचार संहिता खत्म होने के बाद इन एमओयू को धरातल पर उतारा जाएगा। इसके लिए भी मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. श्रीकांत बाल्दी बैठकों में जुटे हैं। अगले सप्ताह इस संबंध में सभी संबंधित विभागों के साथ बैठक बुलाई गई है। राज्य में निवेश को धरातल पर लाने के लिऐ दो प्राइवेट इंडस्ट्रियल पार्क भी घोषित किए गए हैं। इसके अलावा कुछ और जगहों पर जमीन तलाशी गई है। यह पूरा मामला अब आचार संहिता खत्म होने के बाद ही सिरे चढ़ सकेगा। फिलहाल विदेशी उद्यमियों के साथ हिमाचल की बातचीत जारी है और ओमान व न्यूजीलैंड ने भी सकारात्मक जवाब दिया है।

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